भाजपा का घोषणापत्र: पश्चिम बंगाल चुनाव में 15 प्रमुख वादे
भाजपा के घोषणापत्र की मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के संदर्भ में, भाजपा ने शुक्रवार को अपने घोषणापत्र में 15 महत्वपूर्ण वादे प्रस्तुत किए हैं। इस घोषणापत्र को 'भरोसा पत्र' नाम दिया गया है, जिसमें पार्टी ने सुरक्षा, रोजगार, महिलाओं और किसानों जैसे विभिन्न वर्गों को ध्यान में रखा है।
भाजपा ने अपने संकल्पों में घुसपैठ पर कड़ी रोक लगाने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने का वादा किया है। इसके साथ ही, पार्टी ने पिछले 15 वर्षों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासन के दौरान भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर एक 'श्वेत पत्र' जारी करने का भी आश्वासन दिया है। सिंडिकेट राज और 'कट मनी' संस्कृति को समाप्त करने का भी भरोसा दिया गया है।
सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता सुनिश्चित करने और सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया गया है। युवाओं के लिए अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उत्पन्न करने की योजना है, साथ ही बेरोजगार युवाओं को 3,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने का भी वादा किया गया है।
महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं भी प्रस्तावित की गई हैं। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस बटालियन, 'दुर्गा सुरक्षा स्क्वॉड' और सरकारी नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की बात की गई है। इसके अलावा, हर महिला को 3,000 रुपए मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया है।
घोषणा पत्र में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का भी उल्लेख है। किसानों के लिए चावल, आलू और आम की खेती में सहायता और उचित मूल्य सुनिश्चित करने का वादा किया गया है। मछुआरों को पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत पंजीकरण और राज्य को मछली निर्यात का बड़ा केंद्र बनाने की योजना है।
भाजपा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने और मवेशी तस्करी रोकने के लिए कड़े कानून बनाने का भी ऐलान किया है। चाय बागानों के पुनरुद्धार, दार्जिलिंग टी ब्रांडिंग और जूट उद्योग को आधुनिक बनाने की योजना भी शामिल है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना लागू करने, मुफ्त एचपीवी टीकाकरण, ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग और उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी व आईआईएम स्थापित करने का वादा किया गया है। इसके साथ ही 'वंदे मातरम संग्रहालय' बनाने और धार्मिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए कानून लाने की भी घोषणा की गई है.