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भाजपा की कार्यसमिति में विवाद: मिर्जापुर में हिस्ट्रीशीटर की नियुक्ति पर उठे सवाल

मिर्जापुर में भाजपा की कार्यसमिति में हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव की नियुक्ति ने विवाद को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माफियाओं के खिलाफ दावों के बीच, इस नियुक्ति ने पार्टी के भीतर असहजता पैदा कर दी है। जयप्रकाश चौधरी, जिनके बेटे की हत्या में श्याम सिंह आरोपी हैं, ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जानें इस मामले की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव।
 

मिर्जापुर में भाजपा कार्यसमिति का विवाद


मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बार-बार यह कहना है कि उनकी सरकार ने राज्य को माफियाओं और अपराधियों से मुक्त कर दिया है। सरकार का दावा है कि माफियाराज समाप्त होने से प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है, जिससे विकास और निवेश को बढ़ावा मिला है।


हालांकि, हाल ही में मिर्जापुर जिले की भाजपा जिला कार्यसमिति की घोषणा ने विवाद खड़ा कर दिया है। कटरा कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर श्याम सिंह यादव को जिलामंत्री बनाया गया है, जिससे भाजपा के नेता भी असहज महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए, ऐसे दागी व्यक्तियों को कार्यसमिति में स्थान नहीं मिलना चाहिए था।


ज्ञात हो कि कटरा कोतवाली क्षेत्र में 22 अप्रैल 2008 को शशि चौधरी की हत्या हुई थी, जिसमें श्याम सिंह यादव सहित अन्य आरोपी बनाए गए थे। इसके बावजूद भाजपा ने उन्हें जिलामंत्री बना दिया है।


मिर्जापुर भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज ने कहा कि वे श्याम सिंह यादव को पिछले 10 वर्षों से जानते हैं और उन पर लगे आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।


वहीं, कटरा थाना प्रभारी वैद्यनाथ सिंह ने पुष्टि की कि 2008 की हत्या के मामले में श्याम सिंह यादव आरोपी हैं और उनका नाम हिस्ट्रीशीटरों की सूची में भी है।


जिलामंत्री श्याम सिंह यादव ने कहा कि सभी मामले समाप्त हो चुके हैं और अब उनके खिलाफ कुछ भी नहीं है।


मृतक के पिता का बयान




जयप्रकाश चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या 22 अप्रैल 2008 को की गई थी और इस मामले में SCST कोर्ट में सुनवाई चल रही है। अगली तारीख 17 अप्रैल है। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है तो श्याम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बना सकती है। जयप्रकाश के बड़े भाई रामदुलार चौधरी 20 वर्षों तक भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रहे हैं और राजनाथ सिंह के करीबी माने जाते हैं।