भाजपा की नशा मुक्त पंजाब यात्रा: जन जागरूकता का नया अभियान
यात्रा का उद्देश्य और प्रारंभ
चंडीगढ़: पूर्व सांसद और पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष श्वेत मलिक ने बताया कि यात्रा का मुख्य नारा है "भाजपा दा नारा – नशा मुकाना सारा"। यह 13 दिवसीय राज्यव्यापी यात्रा 18 सितंबर 2026 को पठानकोट जिले के माधोपुर (एक्ता स्थल) से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों द्वारा आरंभ की गई। इसका मुख्य उद्देश्य पंजाब को नशा मुक्त बनाना, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाना है। यह यात्रा चार चरणों में होगी और लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी, जो राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।
यात्रा की विशेषताएँ
मलिक ने बताया कि इस अभियान में केंद्रीय मंत्री और अन्य वरिष्ठ नेता जैसे अर्जुन राम मेघवाल, शिवराज सिंह चौहान और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल होंगे। यात्रा का समापन 30 सितंबर 2026 को जालंधर (देवी तालाब मंदिर) में होगा, जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना और प्रभावित परिवारों से संवाद करना है।
समाज की भूमिका
मलिक ने कहा कि आम आदमी पार्टी के अरविंद केजरीवाल को दिल्ली में नकारा गया है और अब वे पंजाब में आकर मस्ती कर रहे हैं। उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में भाजपा का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं, एनजीओ और खेल क्लबों से सहयोग की मांग की ताकि 'नशा नहीं शिक्षा चाहिए, नशा नहीं रोजगार चाहिए' का संदेश फैल सके।
भविष्य की योजनाएँ
मलिक ने कहा कि 2027 में भाजपा की सरकार बनने पर नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। नशे के सभी स्रोतों और पारगमन मार्गों की पहचान कर पूरी सप्लाई चेन को ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे के कारण गंभीर सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान हो रहे हैं।
नशे का प्रभाव
एक रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में नशा करने वालों की संख्या बढ़ रही है, जिससे HIV और हेपेटाइटिस-C जैसी बीमारियाँ फैल रही हैं। नशे के कारण मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है, जिससे घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह बढ़ रही है।
समाज की जागरूकता
मलिक ने कहा कि पंजाब में लाखों लोग नशे से प्रभावित हैं, जिनमें नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य को नशे के दरिया में डुबोया जा रहा है।