भाजपा के चार प्रदेश अध्यक्षों की विदाई: भविष्य की अनिश्चितता
भाजपा के अध्यक्षों का बदलाव
भारतीय जनता पार्टी ने हाल ही में चार प्रदेश अध्यक्षों को बदलने का निर्णय लिया है, जिससे उनके भविष्य के बारे में कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें से कई अध्यक्ष बिना किसी महत्वपूर्ण पद के हट गए हैं, जिससे उनकी राजनीतिक यात्रा पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। विशेष रूप से, पंजाब के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ की विदाई चर्चा का विषय बनी हुई है। जाखड़, जो पंजाब कांग्रेस के एक प्रमुख नेता थे, ने भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था, लेकिन उन्हें कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं मिली।
दिल्ली में भी वीरेंद्र सचदेवा को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है। सचदेवा की अध्यक्षता में भाजपा ने 27 साल बाद दिल्ली में सत्ता हासिल की, लेकिन उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिला। उनकी जगह हर्ष मल्होत्रा को अध्यक्ष बनाया गया है, जो अब मंत्री भी बन गए हैं।
हरियाणा में मोहन लाल बडोली को हटाकर डॉक्टर अर्चना गुप्ता को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। बडोली को ब्राह्मणों का समर्थन मिला था, लेकिन उन्हें भी कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी गई। त्रिपुरा में भी भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव किया है, जहां विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।