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भाजपा ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलनों को लेकर उठाए सवाल

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर छात्र आंदोलनों के प्रति दोहरे रवैये का आरोप लगाया है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस कुछ मामलों में सक्रिय है, लेकिन झारखंड और कर्नाटक जैसे मुद्दों पर चुप्पी साध लेती है। उन्होंने संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का भी आरोप लगाया, जिससे कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो सकी। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया।
 

भाजपा का कांग्रेस पर हमला


नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने छात्र आंदोलनों और संसद की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस पर कड़ा हमला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और लोकसभा सांसद संबित पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी पर छात्रों के मुद्दों पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ मामलों में सक्रिय दिखती है, लेकिन झारखंड और कर्नाटक जैसे मुद्दों पर चुप्पी साध लेती है। पात्रा ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही में बाधा डालने का भी आरोप लगाया, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि इससे जनता उन कानूनों के प्रावधानों और उनके संभावित लाभों की जानकारी से वंचित रह गई।


छात्र आंदोलनों पर कांग्रेस का दोहरा रवैया

संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों पर चयनात्मक प्रतिक्रिया देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पार्टी आक्रामक रुख अपनाती है, जबकि झारखंड और कर्नाटक में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी गई। उन्होंने राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।


कर्नाटक में पेपर लीक का मामला

संबित पात्रा ने कर्नाटक पुलिस कांस्टेबल भर्ती में पेपर लीक और कथित अनियमितताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के दौरान मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर गृह मंत्री प्रियंक खड़गे का जवाब संवेदनहीन था। पात्रा ने इसे अमानवीय बताते हुए कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।


झारखंड के छात्र आंदोलन का मुद्दा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि झारखंड में बड़ी संख्या में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस विषय पर न तो सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई और न ही संसद में इसे प्रमुखता से रखा। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस मुद्दे पर किसी कांग्रेस सांसद ने विरोध दर्ज कराते हुए तख्ती तक नहीं दिखाई।


संसद की कार्यवाही में बाधा

संबित पात्रा ने कहा कि विपक्ष के हंगामे के कारण संसद में कई अहम विधेयकों पर चर्चा नहीं हो सकी। उनके अनुसार, जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत बहस होनी चाहिए थी, ताकि नागरिकों को नए प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि व्यवधानों के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हुई।


सुप्रीम कोर्ट से जुड़े विधेयक का उल्लेख

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पात्रा ने बताया कि मतदान के बाद सुप्रीम कोर्ट नंबर ऑफ जजेज अमेंडमेंट बिल, 2026 सदन से पारित हुआ। उनके अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाकर लंबित मामलों के बोझ को कम करना है। उन्होंने कहा कि यदि सदन में चर्चा होती तो जनता को इसके महत्व और प्रभाव की विस्तृत जानकारी मिलती।