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भाजपा में नितिन नवीन की नई टीम: क्या होगा संगठनात्मक बदलाव का असर?

भारतीय जनता पार्टी में नितिन नवीन के नेतृत्व में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया तेज हो गई है। नई टीम के गठन में अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण और अनुसूचित जाति एवं जनजाति के सदस्यों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति और संसदीय बोर्ड का भी पुनर्गठन किया जाएगा। जानें इस नई टीम में कौन-कौन शामिल हो सकते हैं और इसका चुनावी रणनीतियों पर क्या असर पड़ेगा।
 

नई दिल्ली में भाजपा के संगठन में बदलाव की तैयारी


नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन में बड़े बदलाव की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जनवरी में पदभार ग्रहण करने के बाद से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम के गठन का इंतजार किया जा रहा था। अब यह जानकारी सामने आई है कि नितिन नवीन ने अपनी केंद्रीय टीम के सदस्यों के नामों को अंतिम रूप दे दिया है और पार्टी के नए पदाधिकारियों की आधिकारिक सूची जल्द ही जारी की जा सकती है। इस नई टीम का गठन चुनावी राज्यों और आगामी रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिसमें अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलन बनाने का प्रयास किया गया है। नितिन नवीन की इस नई संगठनात्मक योजना में पार्टी की मुख्य कार्यकारी संस्था 'राष्ट्रीय कार्यकारिणी' का भी पुनर्गठन किया जाएगा।


केंद्रीय चुनाव समिति में बदलाव

केंद्रीय चुनाव समिति का भी होगा पुनर्गठन


भाजपा की सबसे प्रभावशाली और निर्णय लेने वाली संस्था 'संसदीय बोर्ड' का पुनर्गठन भी किया जाएगा। इस बोर्ड में अध्यक्ष सहित अधिकतम 11 सदस्य होते हैं, लेकिन हाल के समय में इसमें 12 सदस्य कार्यरत थे। इसके अलावा, उम्मीदवारों के चयन के लिए जिम्मेदार 'केंद्रीय चुनाव समिति' की संरचना में भी बदलाव होगा। इसमें संसदीय बोर्ड के सदस्यों के साथ कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया जाएगा, जिनमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और महिला मोर्चा की अध्यक्ष वी. श्रीनिवासन शामिल हैं।


महिलाओं के लिए आरक्षण

33 प्रतिशत महिला आरक्षण


भाजपा के संविधान के संशोधित नियमों के अनुसार, पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों में सामाजिक और लैंगिक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखना अनिवार्य है। प्रस्तावित 38 सदस्यीय टीम में कम से कम 13 पदों यानी 33 प्रतिशत सीटों पर महिलाओं की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग से भी कम से कम तीन-तीन पदाधिकारियों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। माना जा रहा है कि नितिन नवीन की टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, एक संगठन महामंत्री, नौ राष्ट्रीय महामंत्री, 15 मंत्री और एक राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष के नाम शामिल हो सकते हैं।


संभावित सदस्यों की संख्या

120 सदस्यों को जगह मिलने की संभावना


नितिन नवीन की इस नई संगठनात्मक योजना में पार्टी की मुख्य कार्यकारी संस्था 'राष्ट्रीय कार्यकारिणी' का भी नए सिरे से गठन किया जाएगा। इसमें अध्यक्ष के अलावा कुल 120 सदस्य हो सकते हैं, जिसमें कम से कम 40 महिलाओं और 12 एससी-एसटी सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। राज्यों के प्रतिनिधियों, पूर्व अध्यक्षों, संसदीय दल के सदस्यों और विभिन्न मोर्चों के प्रमुखों को मिलाकर 'राष्ट्रीय परिषद' का भी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष को 20 विशेष सदस्यों को मनोनीत करने का अधिकार होगा, ताकि आगामी चुनावों में पार्टी हर मोर्चे पर मजबूती से उतर सके।