भाजपा में संभावित बदलावों की चर्चा जारी, मंत्री पदों पर हो सकते हैं बड़े परिवर्तन
भाजपा में बदलाव की अटकलें
भाजपा और केंद्र सरकार में बदलाव की चर्चाएं लगातार जारी हैं। यह केवल पत्रकारों की अटकलें नहीं हैं, बल्कि भाजपा की ओर से जानकारियां दी जा रही हैं, जो सूत्रों के हवाले से चल रही हैं। हालांकि, असल में क्या होने वाला है, यह किसी को नहीं पता। पिछले कुछ वर्षों में भाजपा में यह देखा गया है कि मीडिया में जो खबरें आती हैं, वे अक्सर सही नहीं होती हैं। इसका मतलब है कि गलत जानकारियाँ दी जाती हैं। नरेंद्र मोदी सरकार में बदलाव की चर्चाएं सरकार के गठन के दिन से ही शुरू हो गई थीं। पिछले छह महीनों से तो इस पर चर्चा हो रही है।
बिहार चुनाव के बाद बदलाव की बातें उठी थीं, जो सरकार के दो साल पूरे होने तक चली गईं। फिर अधिमास खत्म होने के बाद भी बदलाव की चर्चाएं हुईं, लेकिन कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। नितिन नबीन की टीम में बदलाव की बातें जनवरी से चल रही हैं, लेकिन इसकी घोषणा अभी तक नहीं हो पाई है।
इसके बावजूद, बदलाव की खबरें देने वाले लोग हिम्मत नहीं हार रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह बड़े पैमाने पर बदलाव की योजना बना रहे हैं, जिसके लिए समय लग रहा है। इस बदलाव में कई मंत्रियों को हटाने की बात की जा रही है और युवा मंत्रियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 75 साल की उम्र सीमा वाले मंत्रियों को हटाने की चर्चा भी है। कुछ हटाए गए मंत्रियों को संगठन में जगह देने की बात की जा रही है, जबकि कुछ को राज्यपाल बनाया जा सकता है।
हालांकि, इस साल मार्च में बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में राज्यपाल और उप राज्यपाल बदले गए हैं।
एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत यूपी के अध्यक्ष पंकज चौधरी और दिल्ली के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा का इस्तीफा होगा। राज्यसभा की टिकट से वंचित किए गए रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का भी इस्तीफा होगा। इसके अलावा, प्रदर्शन के आधार पर एक दर्जन मंत्रियों की विदाई की संभावना है। अफवाहों के अनुसार, भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे दो वरिष्ठ मंत्रियों की विदाई भी हो सकती है।
यह भी चर्चा है कि वित्त मंत्री को नया शिक्षा मंत्री बनाया जाएगा। नितिन नबीन की टीम के तरूण चुघ को राज्यसभा भेजे जाने के बाद मंत्री बनाए जाने की संभावना है, खासकर पंजाब में चुनाव के मद्देनजर। यूपी के सुधांशु त्रिवेदी और हरीश द्विवेदी के साथ-साथ संजीव बालियान का नाम भी चर्चा में है। छत्तीसगढ़ से विजय बघेल और रूप कुमारी चौधरी का नाम भी लिया जा रहा है। दिल्ली से कमलजीत सहरावत और बांसुरी स्वराज का नाम भी चर्चा में है।
बिहार के कुछ मंत्रियों की विदाई की संभावना है, और दक्षिण भारत के एक मंत्री को प्रदेश की जिम्मेदारी देकर भेजा जा सकता है। संगठन में बीएल संतोष, शिव प्रकाश और सुनील बंसल के अपने पद पर बने रहने की संभावना है। अन्य महासचिव जैसे तरुण चुघ, अरुण सिंह, विनोद तावड़े आदि केंद्र में मंत्री बनने की इच्छा रखते हैं। अरुण सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। उपाध्यक्षों में भी बदलाव की चर्चा है।