भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता: समझौते के अंतिम चरण में पहुंची बातचीत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का नया मोड़
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते का केवल 1% हिस्सा ही अंतिम रूप देने के लिए शेष है। अगले सप्ताह नई दिल्ली में होने वाली महत्वपूर्ण बातचीत के चलते दोनों देशों में इस बहुप्रतीक्षित समझौते के जल्द साइन होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की भारत यात्रा
गोर ने शुक्रवार को IIT-दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि हाल ही में भारतीय वार्ताकारों की एक टीम वॉशिंगटन गई थी ताकि समझौते से जुड़े बचे हुए मुद्दों को सुलझाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगले सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा और बातचीत को आगे बढ़ाएगा।
समझौते की उम्मीदें और बचे मुद्दे
1% बातचीत बाकी, जल्द समझौते की उम्मीद
गोर ने कहा, "हमारा मौजूदा अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने के लिए तैयार है, और इससे हमारे दोनों देशों के लिए समृद्धि के द्वार खुलेंगे।" उन्होंने आगे बताया कि भारत ने समझौते के अंतिम 1% हिस्से को अंतिम रूप देने के लिए वाशिंगटन DC में एक टीम भेजी थी। अगले सप्ताह, हम उन वार्ताओं को जारी रखने के लिए यहां एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेंगे। उनके बयान से यह स्पष्ट है कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और आने वाले हफ्तों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
अमेरिकी टीम का भारत दौरा
1 से 4 जून तक भारत दौरे पर आएगी अमेरिकी टीम
अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 1 जून से 4 जून तक भारत दौरे पर रहेगा। यह यात्रा अप्रैल में वॉशिंगटन में हुई बातचीत के बाद हो रही है, जहां दोनों पक्ष अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को आगे बढ़ाने पर चर्चा कर चुके हैं।
बाजार पहुंच और आर्थिक सहयोग
हालांकि गोर ने उन मुद्दों का खुलासा नहीं किया जिन पर अभी बातचीत जारी है, लेकिन अधिकारियों के अनुसार बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाएं, कस्टम सुविधा और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा जारी है। वहीं, भारत घरेलू उत्पादकों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सतर्क रुख बनाए हुए है।
भारत-अमेरिका व्यापार का विकास
20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर पहुंचा व्यापार
गोर ने बताया कि पिछले दो दशकों में भारत और अमेरिका के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार करीब 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत होती आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शेष बातचीत पूरी होने के बाद यह समझौता जल्द अंतिम रूप ले लेगा और दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा देगा।
नई तकनीकों में सहयोग
AI और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा सहयोग
व्यापार समझौते के अलावा, गोर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, फार्मास्युटिकल्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका उभरती तकनीकों के भविष्य को मिलकर आकार देने की मजबूत स्थिति में हैं।