भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, राजदूत ने दी जानकारी
भारत और अमेरिका के व्यापार समझौते में प्रगति
भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौते में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। लगभग 18 महीनों से चल रही वार्ता अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि समझौते का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और अब केवल अंतिम औपचारिकताएं शेष हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा और व्यापारिक सहयोग के नए अवसर प्रदान करेगा।
समझौता अंतिम चरण में
यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट में बोलते हुए, राजदूत गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अपने अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है और अब कुछ बिंदुओं पर अंतिम प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसे समझौते का अंतिम एक प्रतिशत हिस्सा कहा गया।
18 महीने की वार्ता के बाद उम्मीदें बढ़ी
राजदूत गोर ने कहा कि इस समझौते पर पिछले 18 महीनों से लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि व्यापक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंध पिछले दो दशकों से मजबूत होते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस डील को जल्द से जल्द अंतिम रूप देना उनकी प्राथमिकता है।
मोदी-ट्रंप संबंधों का महत्व
सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच अच्छे व्यक्तिगत संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच बेहतर तालमेल द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा दे रहा है, जो भविष्य में सहयोग को और मजबूत बना सकता है।
ट्रंप की भारत यात्रा की यादें
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपनी पिछली भारत यात्रा को आज भी याद करते हैं। उनके अनुसार, ट्रंप उस दौरे को अपने सबसे यादगार विदेशी दौरों में से एक मानते हैं और भारत के प्रति उनके मन में विशेष सम्मान है। गोर ने कहा कि वह भविष्य में ट्रंप की संभावित भारत यात्रा का इंतजार कर रहे हैं।
क्वाड बैठक का अपडेट
समिट के दौरान, सर्जियो गोर ने जानकारी दी कि लगभग दो सप्ताह बाद फिलीपींस में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी। इस बैठक में क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।