भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर नई बातचीत, टैरिफ में बदलाव
नई दिल्ली में व्यापार वार्ता
नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत जारी है। सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्णय के बाद 18% पारस्परिक टैरिफ अब लागू नहीं होगा। अमेरिका ने सभी व्यापारिक साझेदारों पर 15% टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है, जो कि एमएफएन दरों के अतिरिक्त होगा। दोनों पक्षों ने कहा है कि समझौता फरवरी में की गई संयुक्त घोषणा के अनुरूप होगा। यदि स्थिति में बदलाव होता है, तो टैरिफ में समायोजन संभव है।
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और टैरिफ में परिवर्तन
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ को अवैध ठहराया है। अब भारत के सामान पर मौजूदा 25% की बजाय 15% टैरिफ लागू होगा। यह टैरिफ अस्थायी है और 150 दिनों के बाद कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी। भारत चाहता है कि टैरिफ और एमएफएन दरें ऐसी हों कि चीनी और वियतनामी सामान से मुकाबला किया जा सके।
अंतरिम समझौते पर बातचीत का अगला चरण
भारतीय प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी को वाशिंगटन पहुंचकर समझौते के कानूनी पाठ को अंतिम रूप देगा। यूएसटीआर जेमिसन ग्रीर मार्च में भारत आकर समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं। संयुक्त घोषणा में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि टैरिफ में बदलाव होता है, तो दोनों पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं को संशोधित कर सकते हैं। दोनों देश अब नई स्थिति में समझौते को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
उद्योगों को राहत और चिंताएं
रत्न-आभूषण, कपड़ा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को महत्वपूर्ण राहत मिली है, जो पहले उच्च टैरिफ से प्रभावित थे। हालांकि, स्टील और एल्यूमिनियम जैसे उत्पादों पर 50% टैरिफ जारी रहेगा। कपड़ा उद्योग अभी भी अनिश्चितता से चिंतित है। निर्यात संगठनों का मानना है कि दोनों देश जल्द ही आपसी हित में समाधान निकाल लेंगे।
वैश्विक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
यह निर्णय ट्रंप प्रशासन की मनमानी टैरिफ नीति पर अंकुश लगाता है। अब टैरिफ नियम-आधारित और सीमित होंगे। कई देशों को रिफंड मिल सकता है। अमेरिका अन्य धाराओं जैसे 232 और 301 का उपयोग कर सकता है। भारत और अमेरिका के व्यापार संबंध मजबूत बने रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले हफ्ते स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।