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भारत-इटली संबंधों पर सियासी विवाद: क्या है असली कहानी?

भारत और इटली के बीच संबंधों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत बताते हुए आपसी सम्मान की आवश्यकता पर जोर दिया है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की टिप्पणी के बाद बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने भी पीएम मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और भारत-इटली संबंधों का महत्व क्या है।
 

भारत-इटली रिश्तों में बढ़ती सियासत


नई दिल्ली: भारत और इटली के बीच संबंधों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते हाल के वर्षों में हर पहलू में मजबूत हुए हैं। ऐसे में कूटनीतिक संवाद में आपसी सम्मान बनाए रखना आवश्यक है।


यह बयान कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित द्वारा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संदर्भ में पीएम मोदी की विदेश नीति पर की गई टिप्पणी के बाद आया है।


विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "इटली के साथ हमारे संबंध बहुत मजबूत हैं। हाल के वर्षों में ये रिश्ते व्यापार, रक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं।"


उन्होंने यह भी कहा कि कूटनीति में आपसी समझ और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण हैं। "हमें एक-दूसरे का सम्मान करते हुए अपने संबंधों को और गहरा करना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा कांग्रेस की टिप्पणी की ओर था।


राहुल गांधी का बयान

राहुल गांधी ने क्यों उठाया मेलोनी का नाम?


दिल्ली में 'रचनात्मक कांग्रेस' के राष्ट्रीय सम्मेलन में राहुल गांधी ने पीएम मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पीएम का मानना है कि विदेश नीति का मतलब केवल नेताओं को गले लगाना है।


बात को स्पष्ट करने के लिए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित को गले भी लगाया, जिससे विवाद की शुरुआत हुई। संदीप दीक्षित ने भी मेलोनी का नाम लेते हुए सरकार पर तंज कसा।


बीजेपी की प्रतिक्रिया

बीजेपी ने किया पलटवार


राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। पार्टी ने इसे "अभद्र" और "ज़िम्मेदारीहीन" करार दिया। बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, "राहुल गांधी का अहंकार अब पागलपन में बदल रहा है। ऐसा लगता है कि उन्होंने मानसिक संतुलन खो दिया है।"


उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता पीएम मोदी से जलन के कारण ऐसी बचकानी हरकतें कर रहे हैं। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि देश को यह सोचना होगा कि यह टिप्पणी केवल निराशा में की गई है या फिर "सीमा पार की ताकतों" की साज़िश का हिस्सा है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह देश के "स्वस्थ लोकतंत्र" के लिए चुनौती बन रही है।


भारत-इटली संबंधों का महत्व

क्यों अहम हैं भारत-इटली संबंध?


पिछले कुछ वर्षों में भारत और इटली के बीच रक्षा, व्यापार और जी-20 सहयोग में वृद्धि हुई है। इटली यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक और मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग कर रहे हैं।


इसी कारण सरकार नहीं चाहती कि घरेलू राजनीति के चलते किसी मित्र देश के साथ संबंधों में कड़वाहट आए। विदेश मंत्रालय ने इसी संदर्भ में अपील की है कि सार्वजनिक मंचों पर भाषा की मर्यादा रखी जाए। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन कूटनीति में सम्मान सबसे पहले होना चाहिए - यही संदेश सरकार ने दिया है।