×

भारत और ईयू के बीच व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति

भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने ब्रसेल्स की यात्रा के बाद जानकारी दी कि दोनों पक्ष एक नियम-आधारित व्यापार ढांचे के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के हितों की रक्षा पर जोर दिया। इसके अलावा, टीईपीए के महत्व और निवेश के अवसरों पर भी चर्चा की गई। जानें इस समझौते के बारे में और क्या है इसके पीछे की रणनीति।
 

पीयूष गोयल की ब्रसेल्स यात्रा के बाद की जानकारी


केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी


भारत-ईयू व्यापार समझौता: भारत और यूरोपीय संघ एक नियम-आधारित व्यापार ढांचे और आधुनिक आर्थिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो दोनों पक्षों के लिए संतुलित और लाभकारी हो। दोनों ने किसानों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के हितों की रक्षा पर जोर देते हुए भारतीय उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया।


यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पत्रकारों को दी। वे ब्रसेल्स की दो दिवसीय यात्रा के बाद इस समझौते पर चल रही वार्ता के बारे में बता रहे थे। इस यात्रा के दौरान, उन्होंने यूरोपीय आयोग के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ उच्चस्तरीय वार्ता की, जिसमें लंबित मुद्दों को सुलझाने और समझौते को तेजी से आगे बढ़ाने पर चर्चा की गई।


आपसी संवाद से समाधान की दिशा

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने बाजार पहुंच, वस्तुओं के नियम, और सेवाओं सहित विभिन्न वार्ता क्षेत्रों में हुई प्रगति की समीक्षा की। मंत्री स्तरीय चर्चा से यह स्पष्ट हुआ कि शेष मुद्दों को रचनात्मक संवाद के माध्यम से सुलझाने के लिए दोनों पक्षों में मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति है। मंत्रीस्तरीय बैठक से पहले 6-7 जनवरी को वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और यूरोपीय आयोग की महानिदेशक (ट्रेड) सबाइन वेयंड के बीच उच्चस्तरीय विचार-विमर्श हुआ।


टीईपीए का महत्व

ब्रसेल्स से पहले, मंत्री गोयल ने लिकटेंस्टीन का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रमुख कंपनियों के साथ बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता की। चर्चा का मुख्य विषय भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी (टीईपीए) के कार्यान्वयन पर रहा। यह यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री की लिकटेंस्टीन की पहली आधिकारिक यात्रा थी। मंत्री ने कहा कि यह टीईपीए केवल व्यापार उदारीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि निवेश, प्रौद्योगिकी सहयोग, कौशल विकास और मजबूत मूल्य श्रृंखलाओं को भी बढ़ावा देता है।