भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सहयोग को बढ़ावा देने वाला नया रोडमैप
भारत और ऑस्ट्रिया के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक नया रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। पीएम मोदी और चांसलर स्टॉकर ने तकनीकी सहयोग, नर्सिंग क्षेत्र में अवसरों का विस्तार, और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर जोर दिया। इस पहल के तहत 'भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' की भी घोषणा की गई है, जो युवाओं के सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
Apr 16, 2026, 13:52 IST
भारत-ऑस्ट्रिया संबंधों में नई दिशा
नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फ़ेडरल चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना प्रस्तुत की है। यह कदम भारत और ऑस्ट्रिया के बीच सहयोग के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में, पीएम मोदी ने चांसलर स्टॉकर की यात्रा को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रिया की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के तेज विकास के मेल से एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी सप्लाई चेन का निर्माण संभव है।
उभरते क्षेत्रों में सहयोग
दोनों नेताओं ने सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। पीएम मोदी ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी दिल्ली और मोंटान यूनिवर्सिटी लियोबेन के बीच हाल ही में हुए समझौते का उल्लेख किया, जिसे ज्ञान-आधारित साझेदारी का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया गया।
भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम
चर्चाओं में मोबिलिटी और कार्यबल के आदान-प्रदान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। 2023 के माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौते को आगे बढ़ाते हुए, दोनों देशों ने नर्सिंग क्षेत्र में अवसरों का विस्तार करने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने बताया कि 'भारत-ऑस्ट्रिया वर्किंग हॉलिडे प्रोग्राम' की शुरुआत की जाएगी, जिसका उद्देश्य युवाओं के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, नेताओं ने वैश्विक चुनौतियों पर एक साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता
पीएम मोदी ने कहा कि इन वार्ताओं से आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत संदेश मिला है। दोनों पक्षों ने आतंकवाद को उसकी जड़ों से समाप्त करने के प्रयासों को तेज करने का संकल्प लिया है। इस दौरे को भारत और ऑस्ट्रिया के संबंधों को पारंपरिक सहयोग से आगे बढ़ाकर एक भविष्य-उन्मुखी साझेदारी में बदलने का एक रणनीतिक प्रयास माना जा रहा है, जो नवाचार, स्थिरता और वैश्विक शांति पर केंद्रित है।