भारत और कज़ाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती पर चर्चा
भारत-कज़ाकिस्तान संबंधों की समीक्षा
भारत और कज़ाकिस्तान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की और साझेदारी को ठोस परिणामों में बदलने के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प दोहराया। यह संवाद कज़ाकिस्तान में भारत के राजदूत वाईके सैलास थंगल और कज़ाकिस्तान के उप-विदेश मंत्री अरमान इस्सागालिव के बीच हुई बैठक में हुआ। भारतीय दूतावास ने एक्स पर साझा किया कि राजदूत थंगल की उप-विदेश मंत्री के साथ एक सकारात्मक और सार्थक बैठक हुई। दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों की समीक्षा की और भारत-कज़ाकिस्तान की मजबूत साझेदारी को ठोस नतीजों में बदलने के लिए और निकटता से सहयोग करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने नए अवसरों का लाभ उठाने, आपसी समझ को गहरा करने और भविष्य की साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति टोकायेव की बैठक
पिछले महीने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कज़ाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे। इस अवसर पर, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का संकल्प लिया। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि पीएम मोदी ने कज़ाकिस्तान के साथ भारत के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर दिया और हाल के वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने राजनीति, व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, उभरती प्रौद्योगिकियों, रचनात्मक अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच संबंधों जैसे कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।
शांति और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी
विदेश मंत्रालय ने आगे बताया कि नेताओं ने दोनों देशों के लोगों के लाभ के साथ-साथ क्षेत्र में शांति, स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया। राष्ट्रपति टोकायेव ने 12 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लिया और 12 सितंबर को पीएम मोदी द्वारा आयोजित रात्रिभोज में भी शामिल हुए।