भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण वार्ता
नई दिल्ली में महत्वपूर्ण शिखर वार्ता
नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच संबंधों में आई खटास को समाप्त करने के लिए आज एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच होने वाली यह शिखर वार्ता द्विपक्षीय संबंधों को पुनर्स्थापित करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। 2023 के बाद से ठंडे पड़े संबंधों को फिर से गर्म करने के लिए दोनों पक्ष पुराने संवाद तंत्र को सक्रिय करने, नए लक्ष्य निर्धारित करने और आपसी विश्वास को बहाल करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा और परमाणु क्षेत्र में सहयोग से दोनों देशों को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकता है।
ऊर्जा क्षेत्र में नई शुरुआत
जनवरी 2026 में गोवा में इंडिया एनर्जी वीक के दौरान दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की थी। 2016 में शुरू हुई ऊर्जा वार्ता को 2018 में विस्तार मिला था, लेकिन बाद में तनाव के कारण यह रुक गई। अब कनाडा अपने विशाल तेल-गैस भंडार के लिए भारत को एक प्रमुख खरीदार मान रहा है। अमेरिका के साथ चल रही तनातनी के बीच भारत के साथ साझेदारी कनाडा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
परमाणु सहयोग को नई गति
2010 में हस्ताक्षरित और 2013 से लागू परमाणु समझौते के तहत एक संयुक्त समिति पहले से मौजूद है। 2015 में मोदी की कनाडा यात्रा के दौरान यूरेनियम आपूर्ति का समझौता हुआ था। अब दोनों देश 10 साल के नए अनुबंध को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गए हैं, जिससे भारत की परमाणु ईंधन सुरक्षा मजबूत होगी और दीर्घकालिक जरूरतें पूरी होंगी।
व्यापार और नई संभावनाएं
प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिज और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। बैठक में संस्थागत संवाद को फिर से शुरू करने, व्यापार लक्ष्य निर्धारित करने और निवेश बढ़ाने पर ठोस निर्णय लिए जाएंगे। 2023 के बाद रुकी इन चर्चाओं को अब समयबद्ध और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई गति मिलेगी।
ट्रूडो काल की खटास और नई उम्मीद
जस्टिन ट्रूडो के समय 2023 में हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड पर आरोपों के कारण रिश्ते बिगड़ गए थे, जिन्हें भारत ने निराधार बताया था। मार्क कार्नी ने मार्च 2025 में सत्ता संभाली और तब से संबंध सुधारने के प्रयास तेज हुए हैं। आज की वार्ता आतंकवाद की चिंताओं पर आपसी समझ बढ़ाने और भविष्य के लिए मजबूत नींव रखने का अवसर प्रदान करेगी।