भारत और जापान के बीच चंद्रयान-5 मिशन पर महत्वपूर्ण समझौता
प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर
PM मोदी का जापान दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्तमान में जापान की यात्रा पर हैं, जो शुक्रवार से शुरू होकर आज समाप्त हो रहा है। यह उनका जापान का आठवां दौरा है, लेकिन इस बार का दौरा विशेष महत्व रखता है। यह उस समय हो रहा है जब भारत और जापान दोनों अमेरिका द्वारा लगाए गए अनुचित टैरिफ की समस्या का सामना कर रहे हैं।
15वें भारत-जापान समिट में भागीदारी
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ से उत्पन्न चुनौतियों का सामना करना है। पहले दिन, पीएम मोदी ने टोक्यो में 15वें भारत-जापान समिट में भाग लिया। इस समिट में मोदी और जापानी पीएम इशिबा की उपस्थिति में कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें चंद्रयान-5 मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता भी शामिल है।
यह मिशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी के बीच संयुक्त रूप से संचालित होगा। इसका उद्देश्य चांद के दक्षिणी ध्रुव का अध्ययन करना है, जहां वैज्ञानिकों का मानना है कि पानी की बर्फ और अन्य वाष्पशील पदार्थ मौजूद हो सकते हैं।
जापान का भारत में निवेश
समिट में, जापानी पीएम इशिबा ने भारत में अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 6 लाख करोड़ रुपये) का निवेश करने की घोषणा की। पीएम मोदी ने अगली भारत-जापान समिट के लिए इशिबा को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस दौरे का उद्देश्य भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करना है।
मोदी 31 अगस्त को चीन की यात्रा पर जाएंगे।
अन्य महत्वपूर्ण समझौते
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि दोनों देशों ने ऊर्जा, खनिज, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यावरण और राजनयिक प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। कुल मिलाकर एक दर्जन से अधिक समझौते हुए हैं।