भारत और मंगोलिया के बीच 1.7 अरब डॉलर की मेगा परियोजना: ऊर्जा सुरक्षा की नई दिशा
भारत ने मंगोलिया में 1.7 अरब डॉलर की मेगा रिफाइनरी परियोजना की शुरुआत की है, जो न केवल ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसमें यूरेनियम, सोना, और तांबा जैसे खनिजों का भी समावेश है। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की यात्रा के दौरान, उन्होंने मंगोलिया के नेताओं के साथ संबंधों को मजबूत करने की बात की। मंगोलिया के पास खनिजों का विशाल भंडार है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Jun 24, 2026, 19:05 IST
भारत की मंगोलिया यात्रा और मेगा रिफाइनरी परियोजना
भारत ने मंगोलिया में 1.7 अरब डॉलर की एक विशाल परियोजना की शुरुआत की है, जो केवल तेल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें यूरेनियम, सोना, तांबा और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों का भी समावेश है। यह परियोजना एक ऐसे देश में विकसित हो रही है, जो चीन और रूस के बीच स्थित है और जिसकी धरती में लिथियम और दुर्लभ पृथ्वी खनिजों का भी बड़ा भंडार छिपा है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर इस परियोजना का निरीक्षण करने के लिए मंगोलिया पहुंचे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा और संसाधनों तक पहुंच को मजबूत करना है।
मंगोलिया के साथ भारत के संबंध
मंगोलिया, जो एक लैंड लॉक्ड देश है, की जनसंख्या लगभग 35 लाख है और इसे दुनिया के प्रमुख बौद्ध देशों में गिना जाता है। भारत और मंगोलिया के बीच संबंध केवल कूटनीतिक नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक भी हैं। भारत मंगोलिया को आध्यात्मिक पड़ोसी मानता है। डॉ. एस जयशंकर ने अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान मंगोलिया के विदेश मंत्री और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने भारत और मंगोलिया के बीच संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।
खनिज संसाधनों का महत्व
मंगोलिया को खनिजों की समृद्धि के लिए जाना जाता है, जहां की जीडीपी का एक चौथाई हिस्सा माइनिंग सेक्टर से आता है। देश में 80 से अधिक प्रकार के खनिजों के 1000 से अधिक भंडार हैं। मंगोलिया के पास लगभग 1,90,000 टन यूरेनियम संसाधन हैं, जो इसे दुनिया के सबसे बड़े अविकसित यूरेनियम भंडारों में से एक बनाते हैं। इसके अलावा, यहां 56 मिलियन टन से अधिक तांबा और 36 बिलियन टन कोयला भी मौजूद है। भारत मंगोलिया के साथ यूरेनियम सहयोग पर बातचीत कर रहा है, जिससे वह अपने परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए आयात के स्रोतों में विविधता ला सके।