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भारत और रूस के बीच तेल व्यापार पर पुतिन की चिंताएँ

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत से अपील की है कि वह उनके देश से तेल खरीदना जारी रखे, जबकि अमेरिका के प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। पुतिन का कहना है कि भारत एक महान सभ्यता है और उसे किसी भी दबाव में नहीं आना चाहिए। हालाँकि, भारत को यह समझना होगा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूस से तेल खरीदना कितना कठिन हो सकता है। इस बीच, रूस भारत से अपने तेल पर काफी अधिक प्रीमियम वसूल रहा है, जिससे व्यापार में वृद्धि हो रही है।
 

पुतिन की अपील और भारत की स्थिति


रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत से अपील की है कि वह उनके देश से तेल खरीदना जारी रखे और अमेरिका के दबाव में न आए। पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत एक महान सभ्यता है और वह किसी भी दबाव में नहीं आएगा। हालांकि, भारत को यह समझना होगा कि यदि अमेरिका प्रतिबंध लगाता है, तो रूस से तेल खरीदना कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसीलिए, भारत समयबद्ध प्रतिबंधों की मांग कर रहा है या उनके बढ़ने का इंतज़ार कर रहा है। अमेरिका अपनी आवश्यकताओं के अनुसार प्रतिबंधों की अवधि को बढ़ा रहा है।


रूस के तेल पर भारत का बढ़ता प्रीमियम

पुतिन की चिंता का एक मुख्य कारण यह है कि रूस अब भारत से अपने तेल पर काफी अधिक प्रीमियम वसूल रहा है। मार्च के मुकाबले, अप्रैल में भारत को रूस के तेल पर 77 डॉलर प्रति टन से अधिक प्रीमियम चुकाना पड़ा है, जो कि चार सौ प्रतिशत से भी ज्यादा है। भारत का रूस से तेल आयात फिर से बढ़ गया है, लेकिन तेल की मात्रा में वृद्धि के साथ-साथ बिल में भी काफी बढ़ोतरी हुई है। इस स्थिति में, रूस भारत से अच्छी कमाई कर रहा है और चाहता है कि यह व्यापार जारी रहे।