भारत की भूमिका पर अमेरिका में चर्चा: यूक्रेन में सैनिकों की तैनाती का सुझाव
यूक्रेन युद्ध में भारत की संभावित भूमिका
भारत के संदर्भ में एक नई चर्चा सामने आई है, जिसमें रशिया-यूक्रेन युद्ध के संभावित सीजफायर के बाद भारतीय सैनिकों की तैनाती का सुझाव दिया गया है। यह जानकारी एक नई किताब में दी गई है, जिसमें बताया गया है कि अमेरिका में इस विषय पर विचार विमर्श हुआ।
किताब के अनुसार, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सुझाव दिया कि यूक्रेन में युद्ध विराम की निगरानी के लिए भारत और सऊदी अरब जैसे देशों की सेनाओं को तैनात किया जाए। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को तुरंत अस्वीकार कर दिया।
यह किताब, जिसका शीर्षक 'रिजीम चेंज' है, 23 जून को प्रकाशित हुई थी। इसमें उल्लेख किया गया है कि 30 जनवरी 2025 को वाइट हाउस में एक बैठक हुई थी, जिसमें युद्ध समाप्त करने और सीजफायर लागू करने के तरीकों पर चर्चा की गई।
शुरुआत में फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड जैसे यूरोपीय देशों पर विचार किया गया, लेकिन बाद में जेडी वेंस ने भारत और सऊदी अरब का नाम आगे रखा। उनका मानना था कि यदि नाटो देशों के सैनिक यूक्रेन में आते हैं, तो यह रशिया के लिए उकसावे का कारण बन सकता है।
हालांकि, ट्रंप ने भारत का नाम सुनते ही इस सुझाव को खारिज कर दिया और कहा कि भारत इस तरह के मिशन पर खर्च नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ब्रिटेन या फ्रांस अपने सैनिक भेजना चाहते हैं, तो यह उनका निर्णय है, लेकिन अमेरिका किसी नए सैन्य या आर्थिक बोझ में नहीं पड़ना चाहता।