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भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मु का भव्य 'एट होम' रिसेप्शन

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एक भव्य 'एट होम' रिसेप्शन का आयोजन किया। इस समारोह में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पूर्व राष्ट्रपति और अन्य प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के शीर्ष प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इस अवसर पर जनसेवा, खेल और कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। लाल किले पर 'वंदे मातरम्' का औपचारिक गायन भी हुआ, जो इस दिन को और भी ऐतिहासिक बना गया।
 

राष्ट्रपति भवन में ऐतिहासिक समारोह


नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पारंपरिक 'एट होम' रिसेप्शन का आयोजन किया। यह वार्षिक समारोह स्वतंत्रता दिवस की शाम को आयोजित होता है और इसे देश के सर्वोच्च नागरिक मंच के रूप में मान्यता प्राप्त है, जहां राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने वाले प्रमुख व्यक्तित्व एकत्र होते हैं। इस वर्ष के रिसेप्शन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सहित कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और कूटनीतिक कोर के सदस्यों ने भाग लिया।


उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति

देश के शीर्ष नेतृत्व और गणमान्य हस्तियों का समागम


इस औपचारिक समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान और 'वंदे मातरम्' की मधुर धुनों से हुई। इस अवसर पर न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका के प्रमुख प्रतिनिधि एक मंच पर उपस्थित रहे। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए।


#WATCH | Delhi: Prime Minister Narendra Modi greets the leaders and attendees at the At Home Reception at Rashtrapati Bhavan being hosted by President Droupadi Murmu on Independence Day. pic.twitter.com/754UMjqHEu


— News Media August 15, 2026



इस समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने भी भाग लिया।


विशिष्ट अतिथियों का सम्मान

जनसेवा, खेल और कला जगत के दिग्गजों का सम्मान


राष्ट्रपति का यह 'एट होम' कार्यक्रम समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने और उनसे संवाद करने का एक पारंपरिक अवसर है। इस वर्ष भी रक्षा, जनसेवा, सिनेमा, कला, विज्ञान और खेल के क्षेत्र में योगदान देने वाले विशिष्ट अतिथियों को आमंत्रित किया गया। जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पैरा-क्रिकेटर आमिर हुसैन लोन की उपस्थिति ने विशेष ध्यान आकर्षित किया, जिनकी खेल के प्रति निष्ठा और संघर्ष की कहानी ने सभी को प्रेरित किया।


लाल किले पर ऐतिहासिक क्षण

लाल किले की प्राचीर से गूंजा 'वंदे मातरम्'


15 अगस्त 1947 को मिली आजादी का यह पर्व इस बार एक और ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना, जब लाल किले पर पहली बार 'वंदे मातरम्' का औपचारिक गायन हुआ। रिसेप्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए उस ऐतिहासिक संबोधन की गूंज सुनाई दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि आज हर भारतीय का दिल 'वंदे मातरम्' की पावन लय के साथ धड़क रहा है और देश का हर घर तथा हर मन तिरंगे के रंग में पूरी निष्ठा के साथ रंगा हुआ है।