×

भारत-चीन संबंधों में नई हलचल: अरुणाचल प्रदेश में कोर कमांडर बैठक

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश में कोर कमांडर स्तर की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए नई मिलिट्री हॉटलाइंस स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित की गई, जिसमें भारतीय सेना और चीनी पीएलए के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य सीमा पर गलतफहमियों को दूर करना और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य करना है।
 

भारत और चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की बैठक

अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियों के बीच भारत और चीन के संबंधों में एक महत्वपूर्ण गतिविधि देखी गई है। नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले, भारतीय सेना और चीन की पीएलए के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कोर कमांडर स्तर के अधिकारियों के बीच हुई, जो कि पहले लद्दाख में होती रही हैं। लेकिन इस बार यह बैठक अरुणाचल प्रदेश के उस क्षेत्र में हुई है, जहां हाल के समय में तनाव की खबरें आई हैं।


भारत और चीन के कोर कमांडरों की बैठकें आमतौर पर लद्दाख के चुशूल और मोल्डो पॉइंट पर होती थीं, लेकिन यह पहली बार है जब यह उच्च स्तरीय वार्ता अरुणाचल प्रदेश के वाचा दमाई बॉर्डर मीटिंग पॉइंट पर हुई।


बैठक का नेतृत्व और उद्देश्य

इस बैठक का नेतृत्व भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल गिरीश कालिया ने किया, जो नागालैंड के दीमापुर में स्थित थ्री कोर के कमांडर हैं। यह कोर अरुणाचल के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा का जिम्मा संभालता है। बैठक में चीन की ओर से भी कोर कमांडर स्तर के अधिकारी शामिल हुए। यह वार्ता ऐसे समय में हुई है जब अरुणाचल के दक्षिणी क्षेत्रों में दोनों सेनाओं के बीच तनाव की खबरें हैं।


दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है, जिसमें शी जिनपिंग के भारत आने की संभावनाएं हैं। हाल ही में बीजिंग में दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच बातचीत का 25वां दौर भी हुआ था, जिसमें एनएसए अजीत डोवाल ने चीनी विदेश मंत्री से मुलाकात की।


नई मिलिट्री हॉटलाइंस की स्थापना

बैठक के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके तहत दो नई मिलिट्री हॉटलाइंस स्थापित की जाएंगी। सीमा पर गलतफहमियों के कारण विवाद बढ़ने की संभावना को देखते हुए, भारतीय सेना की ईस्टर्न और सेंट्रल कमांड सीधे चीनी कमान से फोन लाइन के जरिए जुड़ जाएगी। इसका उद्देश्य यह है कि यदि सीमा पर कोई हलचल होती है, तो कमांडर्स एक-दूसरे से संपर्क कर विवाद को बढ़ने से पहले ही सुलझा सकें।


इस पहल से दोनों देशों के बीच एलएसी पर तनाव को कम करने में मदद मिलेगी। भारत ने स्पष्ट किया है कि जब तक सीमा पर शांति और स्थिरता नहीं होगी, तब तक द्विपक्षीय रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने हाल ही में तीन कोर मुख्यालय का दौरा किया और वहां की तैयारियों का जायजा लिया।