भारत-चीन सीमा पर तनाव: PLA की सैनिक संख्या में कमी, जानें क्या है रिपोर्ट में
भारत-चीन सीमा पर नई रिपोर्ट
नई दिल्ली: भारत और चीन के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक नई रिपोर्ट में LAC के संदर्भ में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय सेना की उत्तरी सीमाओं पर मजबूत तैनाती और निरंतर सैन्य दबाव के चलते चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने अपने सैनिकों की संख्या में कमी की है। भारतीय सेना ने LAC पर 10 कॉम्बाइंड आर्म्स ब्रिगेड तैनात की हैं, जो विभिन्न सैन्य क्षमताओं का समन्वय करती हैं।
सैन्य तैनाती का उद्देश्य
रक्षा मंत्रालय की 2025-26 की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन सैन्य इकाइयों की तैनाती का मुख्य उद्देश्य संभावित चुनौतियों का सामना करने के लिए सेना की क्षमता को बढ़ाना है। एक कॉम्बाइंड आर्म्स यूनिट में सैनिकों के साथ टैंक, तोपखाने और एयर डिफेंस जैसी क्षमताएं एक ही कमान के तहत कार्य करती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की इस मजबूत तैनाती के कारण PLA को LAC के कुछ क्षेत्रों और अपने पारंपरिक प्रशिक्षण स्थलों से सैनिकों को पीछे हटाना पड़ा।
गलवान के बाद द्विपक्षीय वार्ता
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद जून 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद काफी बढ़ गया था, जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हुए थे। चीन ने भी अपने चार सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की थी। इसके बाद दोनों देशों ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर तनाव कम करने के लिए कई दौर की बातचीत की।
हाल ही में, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बैठक भी हुई। यह गलवान हिंसा के बाद दोनों नेताओं की पहली औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता थी।
कूटनीतिक प्रयासों का प्रभाव
बातचीत से हालात में सुधार रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा पर सैन्य तैयारियों के साथ-साथ कूटनीतिक प्रयासों ने भी स्थिति को सामान्य करने में मदद की है। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, LAC के सभी क्षेत्रों में भारतीय सेना मजबूती से तैनात है और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है।
जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति
जम्मू-कश्मीर में स्थिति में सुधार रिपोर्ट में जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। मंत्रालय के अनुसार, LoC पर हालात काफी हद तक स्थिर हो गए हैं। घाटी में हिंसा में कमी आई है और पत्थरबाजी की घटनाओं में भी गिरावट देखी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र के लोग अब विकास और बेहतर भविष्य की ओर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।