भारत ने ईरान के मिसाइल हमले पर उठाया कदम, एक भारतीय की मौत
ईरानी मिसाइल हमले का भारत पर प्रभाव
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में यूएई के झंडे वाले दो टैंकरों पर ईरानी मिसाइलों के हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मृत्यु हो गई और आठ अन्य घायल हुए। इस घटना के बाद, भारत ने ईरान के डिप्टी एंबेसडर को विदेश मंत्रालय में बुलाया। यह कदम यूएई के उस बयान के एक दिन बाद उठाया गया, जिसमें कहा गया था कि ईरानी क्रूज़ मिसाइलों ने ओमान की समुद्री सीमा के भीतर 'मोम्बासा' और 'अल-बहिया' टैंकरों को निशाना बनाया।
इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान गई और आठ अन्य घायल हुए, जिनमें से छह भारतीय और दो यूक्रेनी थे। घायलों में से चार की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। टैंकरों के नाम 'मोम्बासा' और 'अल-बहिया' हैं। हालिया घटनाओं के बाद, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को जलडमरूमध्य के ओमान हिस्से के करीब एक "गैर-कानूनी रास्ते" से गुजरने में मदद कर रहा है।
भारत की प्रतिक्रिया और चिंता
भारत ने इस हमले के बाद ईरान के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी और अन्य राजनयिकों को तलब किया। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की और तनाव को कम करने की अपील की। मंत्रालय ने कहा कि बार-बार हो रही ये घटनाएं अत्यंत चिंताजनक हैं।
भारत ने कहा कि इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि कमर्शियल जहाजों और आम लोगों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए। यूएई ने ईरान के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का "खुला" उल्लंघन बताया है।