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भारत ने ईरान युद्ध में अमेरिका के प्लान पर स्पष्ट किया अपना रुख

भारत ने ईरान युद्ध में अमेरिका के प्लान पर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि भारत ईरान के साथ लगातार संवाद कर रहा है और हाल ही में दो भारतीय LPG टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। अमेरिका ने भारत का नाम लेते हुए कहा कि वह अन्य देशों से सहयोग मांग रहा है। जानें इस मामले में भारत का क्या रुख है और ईरान का क्या कहना है।
 

अमेरिका का नया प्लान


अमेरिका ने ईरान के खिलाफ युद्ध में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक योजना बनाई है। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रपति ट्रंप ने एक संयुक्त सैन्य बल गठित करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने विभिन्न देशों को इस संघर्ष में सहयोग देने के लिए आमंत्रित किया है। भारत ने इस संदर्भ में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है, stating that it is not engaged in any bilateral discussions regarding this issue. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि कई देश इस विषय पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन भारत की कोई चर्चा नहीं हुई है।


अमेरिका ने भारत का उल्लेख किया

रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अन्य देशों से संपर्क कर रहे हैं। उन्होंने चीन, जापान, ब्रिटेन, फ्रांस और दक्षिण कोरिया का नाम लिया और कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका की सहायता का आश्वासन दिया है। जब उनसे और देशों के नाम पूछे गए, तो उन्होंने भारत सहित एशियाई देशों का उल्लेख किया।


जयशंकर ने स्थिति स्पष्ट की

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक इंटरव्यू में बताया कि भारत ईरान के साथ लगातार संवाद कर रहा है और इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में, दो भारतीय LPG टैंकर इस जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं, जिनमें लगभग 85,000 मीट्रिक टन गैस थी।


हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई स्थायी समझौता नहीं था और 22 अन्य भारतीय जहाज अभी भी इस मार्ग से गुजरने का इंतजार कर रहे हैं। जयशंकर ने कहा, "भारत और ईरान के बीच संबंध हैं। इस टकराव को हम अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत तर्कसंगत चर्चा और समन्वय के माध्यम से समाधान निकालने में विश्वास रखता है।


मामले का सारांश

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है। यह समुद्री मार्ग, जो दुनिया के 20% तेल व्यापार का हिस्सा है, ईरान की निगरानी में बंद है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।


ईरान का बयान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य केवल अमेरिका और इजरायल के जहाजों के लिए बंद है। अन्य सभी देशों के जहाजों को गुजरने की अनुमति है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि कई देश अपनी सुरक्षा चिंताओं के कारण गुजरना नहीं चाहते, जिसका ईरान से कोई संबंध नहीं है।