भारत ने पाकिस्तान की न्यायिक टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया
भारत का सख्त रुख
नई दिल्ली: भारत ने प्रतिबंधित आतंकवादी समूह से संबंधित एक न्यायिक मामले पर पाकिस्तान की टिप्पणी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों और न्यायिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
पाकिस्तान के बयान का खंडन
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में पाकिस्तान के बयान को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने पाकिस्तान को सलाह दी कि वह झूठे और भ्रामक प्रचार से बचते हुए अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान केंद्रित करे।
बाहरी हस्तक्षेप की अस्वीकृति
जायसवाल ने यह भी कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि वह आतंकवाद के समर्थन से दूर रहे और भारत के खिलाफ बयानबाजी बंद करे।
आसिया अंद्राबी की सजा का विरोध
पाकिस्तान ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा का विरोध किया है। इसके साथ ही उनकी सहयोगियों फहमीदा सोफी और नाहिदा नसरीन को दी गई 30-30 साल की सजा को भी पाकिस्तान ने 'न्याय में बड़ी चूक' बताया है।
विशेष एनआईए अदालत का फैसला
दिल्ली की विशेष एनआईए अदालत ने हाल ही में आसिया अंद्राबी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह की अदालत में हुई।
अदालत ने अंद्राबी की दो सहयोगियों को भी इसी मामले में 30-30 साल की सश्रम कैद की सजा सुनाई। इससे पहले 14 जनवरी को अदालत ने तीनों को UAPA की विभिन्न धाराओं और भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।
पाकिस्तान से कथित संपर्क
रिपोर्टों के अनुसार, आसिया अंद्राबी ने पूछताछ में बताया कि उनकी बातचीत पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और उनके सलाहकार सरताज अजीज से होती रही। उन्होंने पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारियों के साथ भी बैठकों का आयोजन किया, जहां कश्मीर मुद्दे पर चर्चा हुई। अंद्राबी ने एनआईए को बताया कि उन्होंने 2014 में नवाज शरीफ को पत्र लिखकर कहा था कि पाकिस्तान कश्मीर के लिए कुछ नहीं कर रहा है। शरीफ ने जवाब दिया कि हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं।
आतंकवादी हाफीद सईद से संपर्क
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि आसिया अंद्राबी का संपर्क हाफीद सईद जैसे आतंकवादियों से था। जांच एजेंसी के अनुसार, उन्होंने इन लोगों से पाकिस्तान सरकार पर दबाव बनाने और कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की बात कही थी। हिजबुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन भी नियमित रूप से अंद्राबी को फोन करता था और वह उससे पाकिस्तान सरकार को संयुक्त राष्ट्र में कश्मीर मुद्दे को उठाने के लिए राजी करने को कहती थी।