भारत ने पाकिस्तान की युद्ध की धमकी का दिया सख्त जवाब
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ़ द्वारा दी गई हालिया युद्ध की धमकी का कड़ा प्रतिवाद किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बयान इस्लामाबाद की ओर से मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक निराशाजनक कोशिश है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब भारत ने पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे सरकार-विरोधी प्रदर्शनों पर हो रही बर्बर कार्रवाई का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की टिप्पणियों के बारे में रिपोर्ट देखी हैं।
पाकिस्तान की नाकामियों पर ध्यान
जायसवाल ने कहा कि ऐसे बयान पाकिस्तान की अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की हताशा भरी कोशिशें हैं। उन्होंने इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में जो स्थिति बन रही है, वह पाकिस्तान की दशकों पुरानी नीति का परिणाम है, जिसके तहत वह अपने अवैध कब्ज़े वाले क्षेत्रों में लोगों का सुनियोजित आर्थिक शोषण करता है और उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखता है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
जायसवाल ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि पाकिस्तान को PoK में विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाए। उन्होंने कहा कि इस स्थिति के कारण कई लोगों की जान चली गई है। हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके कार्यों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराएगा। यह बयान आसिफ़ की उस चेतावनी के तीन दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर पाकिस्तान को लगता है कि भारत के कदम उसकी जल सुरक्षा के लिए खतरा हैं, तो वह सैन्य कार्रवाई कर सकता है।