भारत ने संयुक्त राष्ट्र में दाऊद इब्राहिम को लेकर रिपोर्ट को खारिज किया
भारत का कड़ा जवाब
(योषिता सिंह) संयुक्त राष्ट्र, 22 अक्टूबर - भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक द्वारा गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को ‘‘भारत स्थित’’ आपराधिक गिरोह के रूप में वर्गीकृत करने की आलोचना की है। इस संबंध में एक रिपोर्ट में ‘‘स्पष्ट और गंभीर तथ्यात्मक गलतियों’’ की ओर इशारा करते हुए, भारत ने चेतावनी दी है कि ऐसी गलतफहमियों से विश्व संगठन को गंभीर नुकसान हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के पहले सचिव रघू पुरी ने बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी समिति में यह कड़ा बयान दिया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रताओं के संरक्षण पर विशेष प्रतिवेदक बेन सॉल की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की।
तथ्यात्मक गलतियों पर चिंता
पुरी ने कहा, ‘‘हमारा प्रतिनिधिमंडल अन्य मंचों पर भी इस मुद्दे को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करता रहा है कि विशेष प्रतिवेदक तथ्यात्मक गलतियों वाली रिपोर्टें जारी कर रहे हैं, और इसके लिए उन्हें जवाबदेह नहीं ठहराया जा रहा। यह स्थिति अस्वीकार्य है।’’ उन्होंने कहा कि इससे सदस्य देशों के सामने एक ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, जिसमें उन्हें किसी निर्णय को स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह उस संगठन के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसकी विश्वसनीयता पहले से ही संदिग्ध है।
डी-कंपनी का संदर्भ
पुरी ने कहा, ‘‘हम अपने देश के संदर्भ में कुछ विशेष रूप से गंभीर तथ्यात्मक गलतियों की ओर ध्यान दिलाना चाहते हैं।’’ उन्होंने बताया कि सॉल की रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षा परिषद ने 2003 में एक आपराधिक गिरोह के सरगना को अल-कायदा से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया था। रिपोर्ट में इस गिरोह का उल्लेख ‘‘भारत स्थित डी-कंपनी’’ के रूप में किया गया है। पुरी ने कहा, ‘‘अलग से पढ़ने पर यह पंक्ति वास्तविक स्थिति से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है।’’
दाऊद इब्राहिम की स्थिति
डी-कंपनी को भारत स्थित गिरोह बताए जाने को सख्ती से खारिज करते हुए पुरी ने कहा कि इस आपराधिक संगठन और इसके सूचीबद्ध सरगना दाऊद इब्राहिम को 1993 से ही आतंकवादी हमलों के सिलसिले में भारत में वांछित घोषित किया गया है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अल-कायदा प्रतिबंध व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘यह बात संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत सूचीबद्ध करने के कारणों के विवरण में स्पष्ट रूप से दर्ज है।’’
अंतरराष्ट्रीय संदर्भ
पुरी ने कहा, ‘‘इस तथ्य का उल्लेख नहीं करना खेदजनक है। विशेष अधिकार प्राप्त पदाधिकारियों की ओर से इस तरह की अक्षमता से संगठन को भारी नुकसान पहुंचता है।’’ उन्होंने स्पष्ट किया कि यह व्यक्ति 2003 में सूचीबद्ध किए जाने से पहले ही भारत छोड़कर भाग गया था। इसी दौरान, वह अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन से संबंधों के कारण सूचीबद्ध किया गया था। पुरी ने पाकिस्तान के संदर्भ में कहा कि दाऊद इब्राहिम अब भी भारत में वांछित अपराधी है और संयुक्त राष्ट्र की सूची के अनुसार, वह उसी देश में रहता है जहां अल-कायदा के नेता ओसामा बिन लादेन का पता लगाया गया था और जहां उसे मार गिराया गया था। ओसामा बिन लादेन को 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में अमेरिकी नौसेना के सील कमांडो द्वारा एक अभियान के दौरान मार गिराया गया था।