भारत-पाकिस्तान संबंधों पर प्यू रिसर्च का सर्वे: नकारात्मक धारणाएं और सहयोगी देशों की प्राथमिकताएं
भारत और पाकिस्तान के बीच नकारात्मक धारणाएं
जब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों की चर्चा होती है, तो अक्सर राजनीति, सीमा विवाद और सुरक्षा के मुद्दे सामने आते हैं। इस संदर्भ में, अमेरिका के प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा किया गया हालिया सर्वे दोनों देशों के नागरिकों की एक-दूसरे के प्रति सोच को उजागर करता है। सर्वे के अनुसार, भारत में लगभग 75% लोग पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं। वहीं, पाकिस्तान में भारत के प्रति नकारात्मक सोच रखने वालों की संख्या इससे भी अधिक है। प्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, 78% भारतीयों ने पाकिस्तान के प्रति नकारात्मक राय व्यक्त की, जिनमें से 65% की राय बेहद नकारात्मक थी। केवल 22% भारतीयों ने पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण दिखाया।
पाकिस्तान में भारत के प्रति नकारात्मक सोच
पाकिस्तान में भारत के प्रति धारणा और भी कठोर है। वहां 93% लोगों ने भारत के प्रति नकारात्मक राय व्यक्त की, जिसमें से लगभग 73% ने इसे 'बहुत खराब' बताया।
धार्मिक समूहों के बीच राय में अंतर
सर्वे का एक महत्वपूर्ण पहलू भारत के विभिन्न धार्मिक समूहों के दृष्टिकोण से संबंधित है। आंकड़ों के अनुसार, भारतीय मुसलमानों में पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक सोच हिंदुओं की तुलना में अधिक है। लगभग 21% भारतीय मुसलमानों ने पाकिस्तान के प्रति सकारात्मक राय व्यक्त की, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा केवल 6% रहा। हालांकि, पाकिस्तान को भारत के लिए सबसे बड़ा खतरा मानने के मामले में दोनों समुदायों के बीच अंतर है। लगभग 34% भारतीय मुसलमान पाकिस्तान को सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल खतरा मानते हैं, जबकि हिंदुओं में यह आंकड़ा 57% है।
भारत-पाकिस्तान में एक-दूसरे को खतरा मानने की प्रवृत्ति
दिलचस्प बात यह है कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच एक मामले में सोच काफी समान है। दोनों तरफ बड़ी संख्या में लोग पड़ोसी देश को अपने लिए सबसे बड़ा भू-राजनीतिक खतरा मानते हैं। सर्वे के अनुसार, 54% भारतीयों ने पाकिस्तान को अपने देश के लिए सबसे बड़ा जियोपॉलिटिकल खतरा बताया, जबकि पाकिस्तान में 43% लोगों ने भारत को सबसे बड़ा खतरा माना।
पाकिस्तान में अमेरिका के प्रति बदलती धारणा
सर्वे में पाकिस्तान में अमेरिका के प्रति सकारात्मक राय में वृद्धि देखी गई है। रिपोर्ट में इसके पीछे ट्रंप प्रशासन की नीतियों को एक संभावित कारण बताया गया है। हालांकि, सर्वे जिस समय पाकिस्तान में किया गया, उस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध चल रहा था।
चीन, इजरायल और अमेरिका के प्रति धारणा
भारत और पाकिस्तान के नागरिकों के लिए अन्य देशों से जुड़े खतरों की धारणा भी भिन्न है। भारत में, पाकिस्तान के बाद 21% लोगों ने चीन को बड़ा खतरा माना, जबकि पाकिस्तान में 24% लोगों ने इजरायल और अमेरिका को अपने देश के लिए बड़ा खतरा बताया।
पाकिस्तान के लिए चीन का महत्व
सर्वे में पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण सहयोगियों के बारे में भी सवाल पूछा गया। यहां चीन सबसे आगे नजर आया, जहां लगभग 75% पाकिस्तानियों ने इसे अपने देश का सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी बताया। भारत में, 36% लोगों ने रूस को सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी माना, जबकि 16% ने अमेरिका को चुना।
रूस और पुतिन पर भारतीयों का भरोसा
भारत में रूस के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी सर्वे में प्रमुखता से सामने आया। लगभग 58% भारतीयों ने रूस के प्रति सकारात्मक राय व्यक्त की। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर भी भारतीयों में भरोसा अपेक्षाकृत अधिक दिखाई दिया।
निष्कर्ष
प्यू रिसर्च के आंकड़ों से स्पष्ट है कि भारत और पाकिस्तान के नागरिकों के बीच एक-दूसरे के प्रति धारणा काफी हद तक नकारात्मक बनी हुई है। भारत में पाकिस्तान के प्रति राय में धार्मिक समूहों के बीच अंतर जरूर दिखता है, लेकिन कुल मिलाकर सकारात्मक राय रखने वालों की संख्या कम है।
ट्विटर पर प्रतिक्रिया
NEW: 78% of Indians have a negative view of Pakistan, finds a new Pew Research poll pic.twitter.com/QWZdwNi7Fk
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) August 14, 2026