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भारत-पोलैंड वार्ता में आतंकवाद पर शून्य सहिष्णुता की आवश्यकता

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पोलैंड के समकक्ष से बातचीत में आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पोलैंड को अपने पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए। इस चर्चा में यूक्रेन युद्ध और भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कमी पर भी बात की गई। जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद की दीर्घकालिक चुनौती का भी उल्लेख किया। इस वार्ता के दौरान कश्मीर मुद्दे पर पिछले पाकिस्तान-पोलैंड संयुक्त बयान की प्रतिक्रिया पर भी चर्चा हुई।
 

जयशंकर की पोलिश समकक्ष से बातचीत

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से बातचीत के दौरान आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पोलैंड को भारत के पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा देने में मदद नहीं करनी चाहिए। यह टिप्पणी पिछले साल पोलैंड और पाकिस्तान द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में कश्मीर और आतंकवाद के संदर्भ में की गई थी। जयशंकर ने यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में यूरोपीय देशों द्वारा भारत को चुनिंदा रूप से निशाना बनाने की प्रवृत्ति को अनुचित बताया। ये विचार सिकोरस्की के साथ उनकी मुलाकात की शुरुआत में एक टेलीविजन भाषण का हिस्सा थे।


पाकिस्तान-पोलैंड संयुक्त बयान पर प्रतिक्रिया

पिछले साल अक्टूबर में सिकोरस्की की इस्लामाबाद यात्रा के बाद जारी पाकिस्तान-पोलैंड के संयुक्त बयान में कश्मीर और आतंकवाद के मुद्दों को लेकर नई दिल्ली में नकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। इस महीने की शुरुआत में पेरिस में वीमर ट्रायंगल प्लस प्रारूप की बैठक में, जिसमें जयशंकर भी शामिल थे, सिकोरस्की ने भारत द्वारा रूसी तेल आयात में कमी पर संतोष व्यक्त किया। जयशंकर ने सीमा पार आतंकवाद की दीर्घकालिक चुनौती की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक में क्षेत्र की उनकी हालिया यात्राओं पर चर्चा होगी। उन्होंने फिर से कहा कि पोलैंड को आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता दिखानी चाहिए और अपने पड़ोस में आतंकवादी ढांचे को बढ़ावा नहीं देना चाहिए।