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भारत में PNG कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए नया आदेश जारी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक नया निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जिन स्थानों पर पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा है, वहां उपभोक्ताओं को LPG की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी यदि वे PNG पर स्विच नहीं करते हैं। यह कदम LPG की उपलब्धता में बाधाओं के बीच पाइपलाइन-आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है। इस आदेश का उद्देश्य LPG सिलेंडरों को उन क्षेत्रों से हटाना है, जहां पाइपलाइन की सुविधा है, और उन्हें उन क्षेत्रों में भेजना है, जहां अभी तक आवश्यक बुनियादी ढांचा नहीं है।
 

नई दिल्ली में नया निर्देश


नई दिल्ली: केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में एक नया निर्देश जारी किया है। इस निर्देश में कहा गया है कि जिन स्थानों पर पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) की सुविधा पहले से उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को यदि वे PNG पर स्विच नहीं करते हैं, तो उनके घरों में खाना पकाने के लिए LPG की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। इस नोटिफिकेशन का उद्देश्य भारत में पाइपलाइन-आधारित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।


LPG की आपूर्ति में रुकावट

यह आदेश उस समय जारी किया गया है जब भारत को पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण LPG की उपलब्धता में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस संघर्ष ने गैस की आपूर्ति के रास्तों को प्रभावित किया है और कई महत्वपूर्ण सुविधाओं को नुकसान पहुंचाया है, जो गैस को तरल में बदलने का कार्य करती हैं। इसलिए, सरकार घरों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को PNG अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। PNG की आपूर्ति पाइपलाइनों के माध्यम से निरंतर होती है, जिससे गैस रिफिल कराने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।


आदेश का विवरण

क्या जारी हुआ आदेश?


24 मार्च को जारी 'प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश, 2026' में पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार के लिए मंजूरी प्रक्रिया को सरल बनाने और कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ावा देने के लिए एक रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। इस निर्देश के अनुसार, यदि किसी घर में पाइपलाइन की सुविधा है लेकिन वे PNG लेने से मना करते हैं, तो तीन महीने बाद LPG की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।


हालांकि, इस मामले में छूट तभी मिलेगी जब PNG को तकनीकी रूप से संभव नहीं माना जाएगा और इसके लिए 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) भी होना आवश्यक है।


उद्देश्य और लाभ

क्या है इसका मकसद?


अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य उन क्षेत्रों से LPG सिलेंडरों को हटाना है, जहां पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, और उन्हें उन क्षेत्रों में भेजना है, जहां आवश्यक बुनियादी ढांचा अभी तक नहीं है। इस नोटिफिकेशन में वैश्विक स्तर पर आ रही बाधाओं को देखते हुए ईंधन के स्रोतों में विविधता लाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।


तेल सचिव नीरज मित्तल ने इस सुधार को संकट को अवसर में बदलने जैसा बताया है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार करने में आसानी बढ़ती है और ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होती है।


सार्वजनिक अधिकारियों के लिए निर्देश

सार्वजनिक अधिकारियों के लिए क्या है आदेश?


'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत जारी इस आदेश में सार्वजनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि वे 'राइट-ऑफ-वे' यानी रास्ते के अधिकार या पाइपलाइन से संबंधित मंजूरियां निर्धारित समय सीमा के भीतर जारी करें। यदि मंजूरी में देरी होती है, तो उसे अपने-आप ही मंजूर मान लिया जाएगा। इसके अलावा, अधिकारियों को निर्धारित शुल्क से अधिक पैसे वसूलने की अनुमति नहीं है।