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भारत में ईंधन की आपूर्ति सुरक्षित, सरकार ने उठाए ठोस कदम

पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण भारत में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की कमी की आशंका बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार है और आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी दी गई है और सरकार ने किन उपायों को लागू किया है।
 

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईंधन की स्थिति


नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की कमी बढ़ रही है। भारत में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है, लेकिन सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। कई स्थानों पर ग्राहकों के पैनिक खरीदारी की खबरों के बीच, सरकार ने ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए कई उपाय किए हैं।


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को देश में ईंधन की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश में ईंधन की पर्याप्त मात्रा मौजूद है और पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति के बावजूद आपूर्ति सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। सरकार ने इस संदर्भ में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।


सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में डीजल, पेट्रोल और एलपीजी की पर्याप्त मात्रा है। रिफाइनरियां सामान्य रूप से कार्यरत हैं और कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है। कई स्थानों पर लोग पैनिक खरीदारी करते हुए देखे गए, लेकिन नागरिकों को आश्वस्त किया गया है कि कहीं भी कोई कमी नहीं है।


पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क को दस रुपये घटाया गया है। सरकार ने डीजल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात शुल्क भी लगाया है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और आवश्यकता के अनुसार ईंधन का उपयोग करने की अपील की। प्राकृतिक गैस की घरेलू उपयोग के लिए शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।