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भारत में ऊर्जा संकट की चिंताओं के बीच सरकार ने दी राहत की खबर

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के बीच, भारत सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया कि कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और गैस आपूर्ति भी सुचारु है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर चर्चा की है। जानें और क्या कहा गया है और सरकार ने नागरिकों को किस प्रकार की जानकारी दी है।
 

सरकार ने दी आश्वासन, ईंधन की कोई कमी नहीं

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्षों के कारण उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच, भारतीय सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उन्हें चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य ऊर्जा संसाधनों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।


पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव का बयान

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव, सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है, जिससे पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के किसी भी हिस्से में ईंधन की कमी नहीं है और लोगों को घबराकर अतिरिक्त खरीदारी करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।


गैस आपूर्ति की स्थिति

सुजाता शर्मा ने यह भी बताया कि पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की आपूर्ति भी पूरी तरह से सुचारु है। सरकार गैस कनेक्शन के विस्तार पर तेजी से कार्य कर रही है। हाल ही में जारी एक राजपत्र अधिसूचना के तहत PNG नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, लगभग 2.20 लाख उपभोक्ताओं ने पारंपरिक LPG से PNG की ओर रुख किया है।


विदेश मंत्रालय की गतिविधियाँ

इस बीच, विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों की जानकारी दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता, रणधीर जयसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की, जिसमें मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालातों पर चर्चा की गई। इस बातचीत में क्षेत्र में तनाव कम करने और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इसके अलावा, प्रधानमंत्री को श्रीलंका के राष्ट्रपति का भी फोन आया, जिसमें क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की गई।


खाड़ी मामलों पर अतिरिक्त सचिव का बयान

खाड़ी मामलों से जुड़े अतिरिक्त सचिव, असीम महाजन ने कहा कि मिडिल ईस्ट से भारत लौटने वाले विमानों की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। 28 फरवरी से अब तक लगभग 4.26 लाख भारतीय नागरिक स्वदेश लौट चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज लगभग 80 उड़ानें संचालित होंगी, जिससे और लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सकेगी।


सरकार का स्पष्ट संदेश

कुल मिलाकर, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से नियंत्रण में है और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद आम नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।