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भारत में टेलीग्राम ऐप की वापसी: NEET-UG परीक्षा के बाद मिली अनुमति

भारत में टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप अब फिर से उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध हो गया है। जून में केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद इसे कुछ समय के लिए हटा दिया गया था, लेकिन NEET-UG री-एग्जाम के बाद इसकी वापसी हो गई है। जानें इस ऐप की विशेषताएँ, इसके विवाद और सरकार के निर्णय के पीछे की वजह।
 

टेलीग्राम ऐप की वापसी


नई दिल्ली: भारत में टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप अब फिर से उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध है। केंद्र सरकार के निर्देशों के चलते जून में इसे कुछ समय के लिए प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से हटा दिया गया था। अब, यह ऐप चरणबद्ध तरीके से वापस आ चुका है और उपयोगकर्ता इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।


सरकार का निर्णय

केंद्र सरकार ने जून में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की धारा 69A के तहत टेलीग्राम को हटाने का आदेश दिया था। इस कानून के तहत सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नियंत्रण रखने का अधिकार है। इसी कारण से यह कदम उठाया गया था।


NEET-UG परीक्षा की सुरक्षा

सरकार के इस निर्णय का मुख्य कारण NEET-UG री-एग्जाम की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था। अधिकारियों को चिंता थी कि परीक्षा से संबंधित जानकारी या प्रश्नपत्र टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से लीक हो सकते हैं। NEET-UG देश की प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, इसलिए इसकी निष्पक्षता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती गई।


परीक्षा के बाद टेलीग्राम की बहाली

NEET-UG री-एग्जाम के संपन्न होने के बाद टेलीग्राम को फिर से बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। 23 जून से गूगल ने अपने प्ले स्टोर पर ऐप की लिस्टिंग फिर से शुरू की, और इसके बाद एप्पल ने भी इसे ऐप स्टोर पर उपलब्ध कराया। धीरे-धीरे सभी उपयोगकर्ताओं के लिए इसकी पहुंच बहाल कर दी गई।


टेलीग्राम ऐप की विशेषताएँ

टेलीग्राम एक क्लाउड आधारित इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है, जिसका उपयोग टेक्स्ट संदेश भेजने, फोटो और वीडियो साझा करने, ऑडियो कॉल करने, और बड़े ग्रुप और चैनल बनाने के लिए किया जाता है। इसकी स्थापना 2013 में पावेल दुरोव द्वारा की गई थी, और आज यह दुनियाभर में करोड़ों लोगों द्वारा व्यक्तिगत और पेशेवर संवाद के लिए उपयोग किया जाता है।


टेलीग्राम पर विवाद

हालांकि, टेलीग्राम कई बार विवादों में भी रहा है। इस प्लेटफॉर्म पर ऐसे चैनल और ग्रुप होने के आरोप लगते रहे हैं, जिनका उपयोग साइबर ठगी, हैकिंग और अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है। सुरक्षा एजेंसियाँ समय-समय पर ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई करती रही हैं, जिससे टेलीग्राम की गतिविधियाँ कई बार जांच एजेंसियों की निगरानी में रही हैं।