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भारत में डिजिटल जनगणना की तैयारी: कांग्रेस की आपत्तियों के बीच नए नियम

भारत में डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया में नए नियमों के तहत कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। महापंजीयक कार्यालय ने सरकारी और निजी स्कूलों के कर्मचारियों को जनगणना में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही सामान्य नागरिकों को भी वॉलंटियर के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह बदलाव आरएसएस के सदस्यों को जनगणना में शामिल करने के लिए किया जा रहा है। इस लेख में जनगणना की प्रक्रिया, कांग्रेस की आपत्तियाँ और वालंटियर्स की भूमिका पर चर्चा की गई है।
 

डिजिटल जनगणना की शुरुआत


भारत में जनगणना की प्रक्रिया में छह साल की देरी के बाद अब नए नियमों के तहत इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन भारत के महापंजीयक कार्यालय ने जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 18 के तहत कुछ संशोधन करने का निर्णय लिया है। कांग्रेस पार्टी ने इन प्रस्तावित बदलावों पर आपत्ति जताई है।


महापंजीयक कार्यालय ने पहली बार सरकारी और निजी स्कूलों के कर्मचारियों को जनगणना कार्य में शामिल करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, सामान्य नागरिकों को भी वॉलंटियर के रूप में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। 16 अक्टूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार या संघ राज्यक्षेत्र प्रशासन द्वारा उपयुक्त समझे जाने वाले व्यक्तियों को जनगणना कार्य में लगाया जा सकता है।


कांग्रेस की आपत्तियाँ

कांग्रेस ने इस प्रस्ताव पर गंभीर आपत्ति उठाई है। पार्टी का कहना है कि यह बदलाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्यों को जनगणना में शामिल करने के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के कार्यकर्ताओं का एक प्रशिक्षण शिविर हाल ही में कर्नाटक में आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य जनगणना 2027 था।


कांग्रेस को यह चिंता है कि डेमोग्राफी पर बनी समिति और आरएसएस के सदस्यों को शामिल करके जनगणना के आंकड़ों में हेरफेर किया जा सकता है। हालांकि, कांग्रेस ने यह स्पष्ट नहीं किया कि यह हेरफेर किस प्रकार का हो सकता है।


वालंटियर्स की भूमिका

भारत में जनगणना और चुनावों के लिए वालंटियर्स की मदद से कार्य करने की आवश्यकता है। कई देशों में इस तरह की व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई है। अमेरिका में चुनाव प्रक्रिया में वालंटियर्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भारत में भी ऐसी व्यवस्था की आवश्यकता है, जहां सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ वालंटियर्स को भी शामिल किया जाए।


सरकारी कर्मचारियों को विभिन्न कार्यों में लगाया जाता है, जिससे शिक्षा प्रणाली पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यदि सरकार वालंटियर्स का नेटवर्क तैयार करती है, तो इससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और यह एक बड़ी कार्यबल तैयार कर सकेगी।


आगे की दिशा

सरकार को कांग्रेस की आलोचना की परवाह किए बिना जनगणना और अन्य कार्यों के लिए वालंटियर्स का नेटवर्क तैयार करना चाहिए। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि यह सरकारी कार्यों में भी सुधार लाएगा। यदि सही तरीके से कार्य किया जाए, तो यह व्यवस्था भारत की कई समस्याओं का समाधान कर सकती है।