भारत में मौसम में बदलाव: गर्मी और बर्फबारी की चेतावनी
मौसम में तेजी से बदलाव
नई दिल्ली: देश के मौसम में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। उत्तर भारत में धूप के कारण गर्मी का अनुभव हो रहा है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बना हुआ है। मौसम विभाग ने बताया है कि 22 फरवरी से हिमालयी क्षेत्रों में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति
दक्षिण भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के चलते आंधी-तूफान और तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। आने वाले दिनों में कई राज्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में रविवार को मौसम साफ रहेगा। न्यूनतम तापमान 14 डिग्री और अधिकतम 27-28 डिग्री के आसपास रहने की उम्मीद है। वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है और एक्यूआई 200 से नीचे आ गया है। राजस्थान में दिन के समय गर्मी बढ़ रही है, बाड़मेर में तापमान 33 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। यूपी और बिहार में भी धूप से गर्मी बढ़ रही है, लेकिन सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रहेगी।
पहाड़ों में विक्षोभ का प्रभाव
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 फरवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ प्रभावी होगा। किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा और मनाली जैसे ऊंचे क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बादल छाए रहेंगे। अगले 48 घंटों में ठंड फिर से बढ़ सकती है। मैदानी क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा, लेकिन पहाड़ों पर सर्दी का असर बना रहेगा।
दक्षिण भारत में आंधी-तूफान का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई राज्यों में अगले पांच से छह दिन मौसम खराब रहने की संभावना है। तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में रुक-रुक कर आंधी-तूफान के साथ बारिश होगी। आईएमडी ने वज्रपात और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसे प्री-मानसून गतिविधि का संकेत माना जा रहा है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बादल छा सकते हैं।
गर्मी के संकेत और सावधानियां
देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है। दक्षिण, पूर्वोत्तर और मध्य भारत में गर्मी का असर दिखने लगा है। जल्द ही लू का खतरा बढ़ सकता है। सूरज की तेज किरणों से त्वचा को नुकसान हो सकता है, जिसे सनबर्न कहा जाता है। इससे त्वचा लाल होकर जलन, छाले और दर्द हो सकता है। बाहर निकलते समय छाता, सनस्क्रीन और पानी का ध्यान रखना आवश्यक है।