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भारत में हाइब्रिड आतंकियों का बड़ा खुलासा: खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट

खुफिया एजेंसियों ने भारत में हाइब्रिड आतंकियों के नेटवर्क का खुलासा किया है, जो स्थानीय युवकों से मिलकर तैयार किए गए हैं। ये युवक बिना किसी पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड के हैं, जिससे वे आसानी से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई राज्यों में इनकी गिरफ्तारी हुई है और जांच में आरडीएक्स और सोलर कैमरों का उपयोग करने का मामला सामने आया है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हो सकते हैं।
 

खुफिया एजेंसियों का बड़ा खुलासा


भारत की सुरक्षा से जुड़ी खुफिया एजेंसियों ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया है कि पाकिस्तान की आईएसआई और विभिन्न आतंकवादी संगठनों ने देश के कई राज्यों में हाइब्रिड आतंकियों को तैयार किया है। ये आतंकवादी स्थानीय युवक हैं और इनका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, जिससे ये आसानी से आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे सकते हैं।


गिरफ्तारी और जांच की जानकारी

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, और पंजाब जैसे क्षेत्रों से इन हाइब्रिड आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है। जांच में आरडीएक्स और सोलर कैमरों का उपयोग करके रेकी करने का मामला सामने आया है, और आगे की जांच में और भी खुलासे होने की संभावना है।


खुफिया ऑपरेशन के दौरान कई गिरफ्तारियां

खुफिया एजेंसियों और एसटीएफ द्वारा चलाए गए एक ऑपरेशन में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। इस दौरान, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के संपर्क में रहे तीन संदिग्धों को अंबाला में पकड़ा गया। इनमें अकबर अली, जो अजमेर का निवासी है, मेरठ का अनस, और अंबाला का जगबीर शामिल हैं।


इन तीनों के पास आरडीएक्स था, जबकि चौथा आरोपी मक्खनदीप, जो पंजाब से है, फरार हो गया। इसी दिन गाजियाबाद में सुहेल मलिक सहित छह लोगों को कौशांबी पुलिस ने गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी।


12 राज्यों में हाइब्रिड आतंकियों का नेटवर्क

पुलिस ने पहले भी 20 मार्च को इसी मॉड्यूल से नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनमें पांच किशोर भी शामिल थे। आईबी और एटीएस ने 18 मार्च को हापुड़ से अजीम राणा और मेरठ के आजाद राजपूत को पकड़ा था। जांच में पता चला कि दोनों का शहजाद भट्टी से वीडियो कॉल पर संपर्क था।


खुफिया एजेंसियां अब इन मॉड्यूलों की गहन जांच कर रही हैं। आईबी, एटीएस और आर्मी इंटेलिजेंस की टीमें सक्रिय हैं। जांच से यह भी सामने आया है कि आईएसआई ने 12 से अधिक राज्यों में नेटवर्क स्थापित किया है, जिसमें बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, केरल, पंजाब, हरियाणा, यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान और कश्मीर शामिल हैं।