भारत-रूस द्विपक्षीय बैठक: शांति, व्यापार और सुरक्षा पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। यह दोनों नेताओं की पिछले 15 दिनों में दूसरी मुलाकात थी। इससे पहले, 31 अगस्त को बिशकेक में एससीओ सम्मेलन के दौरान भी उनकी चर्चा हुई थी। इस बैठक में भारत-रूस के विशेष रणनीतिक संबंधों की समीक्षा की गई।
यूक्रेन युद्ध पर कूटनीतिक प्रयास
बैठक के दौरान, पीएम मोदी ने एक बार फिर यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध के माध्यम से नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है। भारत ने शांति के प्रयासों में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। इसके साथ ही, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र के संकट पर भी चर्चा की।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता
बैठक में काला सागर क्षेत्र में मर्चेंट जहाजों पर हुए हमलों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया। हाल के हफ्तों में काला सागर में हुए हमलों में कम से कम पांच भारतीय नाविकों की जान गई है। भारत ने इस प्रकार की घटनाओं पर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है और समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
दोनों नेताओं ने आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, रेलवे, इस्पात, अंतरिक्ष और उर्वरक आपूर्ति जैसे क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की। भारत और रूस ने 2030 तक आपसी व्यापार को वर्तमान 60 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, व्यापारिक असंतुलन को कम करने के लिए भारतीय कुशल श्रमिकों की आवाजाही और रूसी बाजार में भारतीय सामानों की बेहतर पहुंच पर विशेष चर्चा हुई।
'इनोप्रोम इंडिया' प्रदर्शनी का दौरा
वार्ता के बाद, दोनों नेताओं ने भारत मंडपम में आयोजित रूस की अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी 'इनोप्रोम इंडिया' का दौरा किया और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने पर बल दिया। बैठक के अंत में, राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।