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भारत से प्रत्यर्पित हुआ अमेरिका का मोस्ट वांटेड आरोपी मनजीत सिंह बेदी

मनजीत सिंह बेदी, जो अमेरिका की सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के लिए वांछित था, को भारत से प्रत्यर्पित किया गया है। उसे वाशिंगटन की अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उस पर एसएनएपी के तहत धोखाधड़ी का आरोप है। बेदी ने पहले ही देश से भागने में सफलता पाई थी, लेकिन अब उसे न्याय का सामना करना होगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बेदी के खिलाफ उठाए गए कदम।
 

मनजीत सिंह बेदी का प्रत्यर्पण

(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, 16 अक्टूबर: अमेरिका की सरकारी योजनाओं में अनियमितताओं के लिए वांछित एक आरोपी को भारत से अमेरिका लाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस बात की पुष्टि की है। कार्यवाहक अटॉर्नी चार्ल्स नील फ्लॉयड ने बताया कि मनजीत सिंह बेदी, जिसे पिछले महीने भारत में गिरफ्तार किया गया था, को बुधवार रात अमेरिका भेजा गया।


अदालत में पेशी

बेदी को शुक्रवार को वाशिंगटन की 'वेस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट' में पेश किया जाएगा। एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने कहा, "मनजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण एफबीआई के 'मोस्ट वांटेड फ्रॉडस्टर्स' कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।" पटेल ने एफबीआई और भारत में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।


धोखाधड़ी के आरोप

नील फ्लॉयड ने कहा कि एफबीआई अदालत से बेदी को हिरासत में रखने का अनुरोध करेगी, क्योंकि वह पहले ही देश से भाग चुका था। बेदी ने वाशिंगटन के टैकोमा में 'एशियन ग्रोसरी स्टोर' नामक एक किराने की दुकान चलाई थी। आरोप है कि वह पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) के लाभार्थियों को उनके इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर (ईबीटी) कार्ड के माध्यम से खाद्य पदार्थ बेचता था।


कनाडा के रास्ते भारत भागना

एफबीआई के अनुसार, अदालत के आदेश के बाद बेदी ने गाड़ी से कनाडा पहुंचकर फिर भारत भागने में सफलता पाई। एफबीआई के सिएटल कार्यालय के विशेष एजेंट डब्ल्यू. माइक हेरिंगटन ने कहा कि बेदी को अमेरिका वापस लाने में जांचकर्ताओं और अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से मिली जानकारी का बड़ा योगदान रहा। अब उसे टैकोमा की अदालत में अपने खिलाफ मुकदमे का सामना करना होगा।


धोखाधड़ी की राशि

पटेल ने बताया कि बेदी पर 2024 से 2025 के बीच एसएनएपी के तहत अमेरिका सरकार से कम से कम छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। अब उसे अपने कथित अपराधों के लिए न्याय का सामना करना पड़ेगा।