भारतीय-अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम की चुनावी जीत और उनके संकल्प
सुब्रमण्यम की जीत और उनके लक्ष्य
(योषिता सिंह) न्यूयॉर्क, चार नवंबर: भारतीय-अमेरिकी सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए पुनः चुनाव जीतने के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने हमेशा जारी रहने वाले युद्धों को समाप्त करने, अनावश्यक शुल्कों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार ठहराने का संकल्प लिया। मंगलवार को हुए चुनावों में, सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें संसदीय जिले में अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को हराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक बयान में कहा, “संसद में अपने समुदाय की सेवा करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है।”
उन्होंने कहा कि वर्जीनिया के मतदाताओं ने उन पर विश्वास जताया है, जिससे वह अपने समुदाय की सेवा जारी रख सकें, खासकर जब देश एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। सुब्रमण्यम ने यह भी कहा कि उनकी जीत उन सभी लोगों की है जिन्होंने अपनी आवाज उठाई और वाशिंगटन में बदलाव की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके समुदाय को भी अन्य समुदायों की तरह कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जैसे बढ़ती लागत, सरकारी कर्मचारियों की छंटनी और स्वास्थ्य सेवा तथा खाद्य सहायता में कटौती।
सुब्रमण्यम ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की समस्याओं को हल करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि वह संघीय कर्मचारियों और ठेकेदारों के पक्ष में खड़े होंगे, स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सहायता में की गई कटौती को वापस लाएंगे और हमेशा जारी रहने वाले युद्धों को समाप्त करने की मांग करेंगे।
सांसद ने आगे कहा, “हम एआई और डेटा सेंटरों पर नियम लागू करेंगे, अनावश्यक शुल्कों को हटाकर लागत कम करेंगे और इस प्रशासन को धोखाधड़ी तथा भ्रष्टाचार के लिए जवाबदेह ठहराएंगे।” उन्होंने वाशिंगटन में बदलाव लाने के लिए समुदाय के साथ मिलकर काम करने का भी संकल्प लिया। सुब्रमण्यम उन भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों में से एक हैं जिन्होंने अमेरिका के मध्यावधि चुनावों में सफलता प्राप्त की है। मंगलवार को संपन्न हुए चुनावों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी को एक बड़ा झटका दिया है।