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भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सिंदूर का अनकहा सच: एयर मार्शल नागेश कपूर का खुलासा

भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रिटायर्ड एयर मार्शल नागेश कपूर ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को मिशन की वास्तविक स्थिति नहीं बताई थी, ताकि पायलटों को अपना काम पूरा करने का मौका मिल सके। इस मिशन में सुखोई-30 MKI विमानों का इस्तेमाल किया गया, जिसने भोलारी एयरबेस पर एक महत्वपूर्ण लक्ष्य को सफलतापूर्वक निशाना बनाया। जानिए इस मिशन की पूरी कहानी और इसके पीछे की रणनीति।
 

नई दिल्ली में ऑपरेशन सिंदूर की कहानी


नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के एक महत्वपूर्ण मिशन, ऑपरेशन सिंदूर, से जुड़ी एक दिलचस्प जानकारी हाल ही में सामने आई है। रिटायर्ड एयर मार्शल नागेश कपूर ने बताया कि 10 मई 2025 को पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर हमले से पहले, उन्होंने तत्कालीन एयर चीफ मार्शल एपी सिंह को मिशन की वास्तविक समय सीमा के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी। उनका उद्देश्य था कि पायलटों को अपने अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करने का अवसर मिले।


नागेश कपूर उस समय भारतीय वायुसेना की साउथ वेस्टर्न एयर कमांड (SWAC) के प्रमुख थे, जिसमें पाकिस्तान की सीमा के निकट कई महत्वपूर्ण एयरबेस शामिल थे। उनके अनुसार, भोलारी एयरबेस पर एक हैंगर को निशाना बनाना था, जहां पाकिस्तान का स्वीडिश SAAB एरिए अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल एयरक्राफ्ट स्थित था।


एयर चीफ का सवाल और कपूर का जवाब

एयर चीफ ने पूछी थी जेट्स की स्थिति


कपूर ने एक साक्षात्कार में बताया कि मिशन से पहले एयर चीफ ने उनसे लड़ाकू विमानों की स्थिति के बारे में पूछा। उन्होंने कहा कि विमान जल्द ही उड़ान भरने वाले हैं, जबकि उन्हें पता था कि टेकऑफ में लगभग 15 मिनट लगने वाले हैं। जब उनसे हथियारों के लॉन्च होने के समय के बारे में पूछा गया, तब भी उन्होंने वास्तविक स्थिति से भिन्न जानकारी दी। उनका मानना था कि पायलट लंबे समय से मिशन के लिए तैयार थे और हथियार विमान में लोड थे, इसलिए उन्हें रोकना उचित नहीं था।


सुखोई-30 MKI का सफल मिशन

सुखोई-30 MKI ने संभाला मोर्चा


इस अभियान में सुखोई-30 MKI लड़ाकू विमानों का उपयोग किया गया। मिशन शुरू होने के बाद, विमानों ने लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए निर्धारित लॉन्च जोन से हथियार दागे। सभी विमान सुरक्षित वापस लौट आए। कपूर के अनुसार, भोलारी एयरबेस के एक हैंगर को सटीकता से निशाना बनाया गया, और बाद में सैटेलाइट तस्वीरों में हैंगर की छत को नुकसान दिखाई दिया।


रक्षा मंत्री के साथ बातचीत

रक्षा मंत्री के सामने बताई सच्चाई


कपूर ने बताया कि बाद में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लंच के दौरान, उन्होंने एयर चीफ को बताया कि उन्होंने मिशन के समय पूरी सच्चाई नहीं बताई थी। इस पर एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें पहले से इसकी जानकारी थी। कपूर के अनुसार, उनका निर्णय केवल इतना था कि पायलटों को अपना काम पूरा करने दिया जाए।