भारतीय सेना के बजट में 15% की वृद्धि: फाइटर जेट्स की खरीद पर जोर
भारतीय सेना का बढ़ता बजट
भारतीय सेना का बजट पिछले वर्ष की तुलना में 15% बढ़कर लगभग 7.85 लाख करोड़ रुपये हो गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बैठक में 2.12 लाख करोड़ रुपये की खरीद को मंजूरी दी। यह स्पष्ट है कि भारत के पास वर्तमान में फाइटर जेट्स की कमी है।
भारत 114 राफेल जेट्स की खरीद के लिए फ्रांस के साथ फिर से बातचीत कर रहा है। इस बीच, राष्ट्रपति पुतिन का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह भारत को एसयू-57 जेट के संयुक्त निर्माण का प्रस्ताव देते हैं। भारत ने इस परियोजना पर लगभग 10 वर्षों तक काम किया, लेकिन 2018 में इसे छोड़ दिया।
फाइटर जेट्स की वैश्विक स्थिति
यदि हम विश्व में पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की बात करें, तो केवल कुछ देशों के पास ऐसे जेट्स हैं जो वास्तव में युद्ध में उपयोग हो रहे हैं। इनमें अमेरिका का एफ-22 और एफ-35, चीन का जे-20 और जे-35 शामिल हैं।
भारत के लिए एसयू-57 को लेकर भ्रम की स्थिति क्यों है, यह एक बड़ा सवाल है। 2007 में भारत और रूस ने एक संयुक्त परियोजना शुरू की थी, लेकिन 2010 के बाद तकनीकी असहमति के कारण यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
भारत की तकनीकी चुनौतियाँ
भारत ने 2018 में इस संयुक्त विकास कार्यक्रम से बाहर निकलने का निर्णय लिया। रूस ने एसयू-57 को स्वतंत्र रूप से विकसित करना जारी रखा। 2025 में, रूस ने भारत को इस जेट को खरीदने के लिए कई विकल्प दिए।
हालांकि, भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती लागत थी। पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट्स की लागत बहुत अधिक होती है, और भारत के पास उस समय इतनी वित्तीय क्षमता नहीं थी कि वह इस पर बड़ा निवेश कर सके।