भोपाल एम्स में फर्जी दस्तावेज के साथ छात्र की गिरफ्तारी
कानपुर के छात्र की शातिर योजना
कानपुर। भोपाल स्थित एम्स में प्रवेश के लिए फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने वाले एक छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह छात्र कानपुर का निवासी है और मुंबई में मेडिकल की तैयारी कर रहा था। उसने अपनी रैंक 284 बताई थी, जबकि दस्तावेज फोटोशॉप के माध्यम से तैयार किए गए थे। एडमिशन काउंटर पर उसकी चालाकी का पर्दाफाश हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
भोपाल एम्स में प्रवेश पाने के लिए एक युवक ने धोखाधड़ी का सहारा लिया। कानपुर के 22 वर्षीय लवकुश प्रजापति ने नीट परीक्षा में लगातार असफलता के बाद परिवार के दबाव में आकर एम्स में दाखिला लेने का एक गलत तरीका अपनाया। उसने अपने दोस्त के अलॉटमेंट पत्र को सोशल मीडिया से कॉपी किया और फोटोशॉप की मदद से उसमें रोल नंबर और रैंक में बदलाव कर दिया। उसने खुद को 284 रैंक का उम्मीदवार दिखाया, जबकि यह रैंक पहले ही एक अन्य छात्र ने भुवनेश्वर में प्राप्त कर ली थी। जब भोपाल एम्स में इस पत्र पर संदेह हुआ, तो प्रबंधन ने दस्तावेजों की गहन जांच की और उसकी धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। एम्स प्रबंधन ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस के अनुसार, लवकुश प्रजापति उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के किशनपुर गांव का निवासी है। उसने 2021 में 12वीं की परीक्षा पास की थी और डॉक्टर बनने का सपना देखा था।
डर के कारण उठाया अपराध का कदम
लवकुश ने 2021 से 2024 तक लगातार नीट की परीक्षा दी, लेकिन उसे अपेक्षित रैंक नहीं मिली। असफलता और परिवार के दबाव के चलते उसने अपराध का रास्ता चुना। उसने मेडिकल काउंसिल कमेटी की वेबसाइट से हूबहू नकली पत्र तैयार किया, जिसमें उसने अपना नाम, फोटो और रोल नंबर बदलकर 630 अंक और 284 रैंक दर्शाई।