मऊ जंक्शन पर उद्घाटन कार्यक्रम में भाजपा-सपा कार्यकर्ताओं के बीच तनाव
भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं के बीच टकराव
लखनऊ। मऊ जंक्शन पर रेल मंत्रालय द्वारा नई परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान भाजपा और सपा के कार्यकर्ताओं के बीच एक बार फिर से टकराव देखने को मिला। इस घटना के दौरान दोनों पक्षों ने नारेबाजी की, जिससे माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस पर अखिलेश यादव ने एक तस्वीर साझा करते हुए सवाल उठाए हैं।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा बाहरी राज्यों के अपराधियों को उत्तर प्रदेश में बुलाकर माहौल को बिगाड़ रही है, जो कि अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि सपा के सांसद राजीव राय के प्रयासों से ‘मऊ-आनंद विहार ट्रेन’ का संचालन शुरू हुआ है, लेकिन उद्घाटन के समय जानबूझकर माहौल को तनावपूर्ण बनाया गया। उन्होंने मांग की कि हंगामा करने वालों की पहचान एआई तकनीक से की जाए और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए।
भाजपा बाहर के राज्य के अपराधियों को उप्र में बुलाकर जो वातावरण बिगाड़ रही है वो घोर निंदनीय है। सपा के सांसद श्री राजीव राय के प्रयासों से जन हित में ‘मऊ-आनंद विहार ट्रेन’ चली है लेकिन उसके उद्घाटन के अवसर पर जानबूझकर माहौल तनावपूर्ण बनाया गया। हंगामा करनेवालों के चेहरों की एआई… pic.twitter.com/7RyYxc2nNM
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 19, 2026
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि यह मुख्यमंत्री के लिए एक चुनौती है कि उत्तर प्रदेश अब ‘इंटर-स्टेट’ माफियाओं के लिए सुरक्षित स्थान बन गया है। यदि कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो यह माना जाएगा कि यह सब भाजपा सरकार के इशारे पर हुआ है।
राजीव राय ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए कहा कि वह हर मंच पर गुंडों और माफियाओं को भगाने की बात करते हैं, लेकिन उन्हें मऊ में हो रहे अपराधों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने पिछले महीने दोहरीघाट में हुई फायरिंग का भी जिक्र किया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी आप हर मंच से गुंडे माफियाओं को भगाने की बात करते हैं, अगली बार कहीं बोलने से पहले मऊ इन खुंखार अपराधियों की हिस्ट्री शीट को पढ़ लीजिएगा।
जो पिछले महीने दोहरीघाट में रेलवे के कार्यक्रम मे पुलिस की मौजूदगी में फ़ायरिंग, मेरे साथ… pic.twitter.com/VcHTTODR2A
— Rajeev Rai (@RajeevRai) June 19, 2026
कार्यक्रम के दौरान जब सपा सांसद राजीव राय ने बोलने का प्रयास किया, तो नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे उनके भाषण में बाधा उत्पन्न हुई। हालांकि, अधिकारियों के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया। इस घटना ने राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई को स्पष्ट रूप से उजागर किया।