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मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

मध्य पूर्व में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण खाड़ी देशों में सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है। यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ने कई हमलों को नाकाम किया है, लेकिन इसके बावजूद चार लोगों की मौत हो गई है। इस संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है, जिससे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। सऊदी अरब और बहरीन में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। भारत और चीन जैसे देश इस संकट को सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं।
 

मध्य पूर्व में सैन्य तनाव की स्थिति

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब गंभीर सैन्य टकराव की ओर बढ़ता दिख रहा है। ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों और ड्रोन हमलों के चलते संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और बहरीन जैसे कई खाड़ी देशों में सुरक्षा स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है। कई स्थानों पर विस्फोटों की आवाजें सुनाई दी हैं, जिससे तेल प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा है और तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इस बीच, विभिन्न देशों ने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चेतावनियाँ जारी की हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की अपीलें भी बढ़ गई हैं।


यूएई की वायु रक्षा प्रणाली की सक्रियता

संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश की वायु रक्षा प्रणाली लगातार ईरान से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का सामना कर रही है। मंत्रालय के अनुसार, अब तक 17 बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाया गया है, जिनमें से 16 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि एक समुद्र में गिर गई। इसके अलावा, 117 ड्रोन भी पकड़े गए, जिनमें से 113 को मार गिराया गया।


ईरानी हमलों का आंकड़ा

यूएई के रक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ईरानी हमलों की शुरुआत से अब तक कुल 238 बैलिस्टिक मिसाइलें पहचानी गई हैं। इनमें से 221 को नष्ट किया गया, 15 समुद्र में गिरीं और 2 देश के भीतर गिरीं। इसी तरह, 1422 ड्रोन का पता चला, जिनमें से 1342 को रोका गया, जबकि 80 देश की सीमा के भीतर गिरे।


यूएई में विस्फोटों की आवाजें

यूएई के विभिन्न शहरों में विस्फोट जैसी आवाजें सुनी गईं, जो वायु रक्षा प्रणाली द्वारा मिसाइल और ड्रोन को मार गिराने के कारण उत्पन्न हुईं। अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और केवल सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। कुछ स्थानों पर गिरते मलबे से मामूली नुकसान की भी खबरें आई हैं।


फुजैरा क्षेत्र में आग लगने की घटना

यूएई के फुजैरा क्षेत्र में एक तेल सुविधा केंद्र में आग लगने की घटना सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, यह आग एक हमले के बाद लगी। फुजैरा, यूएई के सात अमीरात में से एक है और यहां ऊर्जा से जुड़ी महत्वपूर्ण सुविधाएं स्थित हैं। हमले के बाद वहां से धुएं का बड़ा गुबार उठता देखा गया।


ड्रोन हमलों से हुई मौतें

ड्रोन हमलों के कारण यूएई में चार लोगों की मौत भी हुई है। मृतकों में पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के नागरिक शामिल हैं। इससे क्षेत्र में काम कर रहे विदेशी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।


सऊदी अरब का ड्रोन हमले को नाकाम करने का दावा

सऊदी अरब ने भी अपने क्षेत्र में ड्रोन हमले को नाकाम करने का दावा किया है। सऊदी रक्षा बलों ने अल जौफ के पूर्वी इलाके की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को मार गिराया। सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने ईरान के हमलों को निंदनीय बताया है और कहा है कि खाड़ी सहयोग परिषद के देशों और अन्य मित्र देशों के खिलाफ किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जाएगा।


बहरीन में स्थिति तनावपूर्ण

बहरीन में भी हालात तनावपूर्ण हैं। वहां की प्रमुख तेल कंपनी बापको एनर्जी ने अपने परिचालन पर फोर्स मेजर लागू करने की घोषणा की है। इसका अर्थ है कि असाधारण परिस्थितियों के कारण कंपनी फिलहाल अपने आपूर्ति दायित्वों को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं होगी।


वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर

इस बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। तेल की कीमतों में एक ही दिन में 25 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज की गई है, जो कई वर्षों में सबसे बड़ा उछाल माना जा रहा है।


चीन की मध्यस्थता की कोशिश

चीन ने भी तनाव कम करने की कोशिश शुरू की है। मध्य पूर्व मामलों के लिए चीन के विशेष दूत सऊदी अरब पहुंचे और वहां के विदेश मंत्री से मुलाकात कर क्षेत्रीय तनाव पर चिंता व्यक्त की।


भारत की चिंता

भारत ने भी इस संकट पर गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में कहा कि भारत शांति, संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान का समर्थन करता है।


भविष्य की चुनौतियाँ

मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा बाजार दोनों के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। यदि जल्द ही तनाव कम नहीं हुआ तो इसका असर विश्व अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर और भी गहरा पड़ सकता है।