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मध्य पूर्व में संघर्ष: ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत

मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच संघर्ष तेज हो गया है, जिसमें नए हमले और वैश्विक खाद्य संकट की चेतावनी शामिल है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समय सीमा बढ़ा दी है, जबकि आईएईए ने ईरान के परमाणु संयंत्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस बीच, इज़राइल ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के एक प्रमुख को मार गिराने का दावा किया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो रहा है।
 

संघर्ष में कोई समाधान नहीं

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिल रहे हैं, क्योंकि ईरान, इज़राइल और लेबनान में नए हमलों की सूचनाएं आ रही हैं। इज़राइल ने ईरान में कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले किए हैं, जबकि तेहरान ने इज़राइल और संयुक्त अरब अमीरात की ओर मिसाइलें दागी हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की समय सीमा 6 अप्रैल तक बढ़ा दी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी नहीं करेंगे। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच युद्धविराम वार्ता में गतिरोध बना हुआ है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ "सैन्य युद्ध" पहले ही जीत लिया है, और उनके अनुसार, अमेरिकी और इज़राइली हमलों ने तेहरान की नौसैनिक और मिसाइल क्षमताओं को काफी कमजोर कर दिया है।


आईएईए की चिंता

अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरान के बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हाल में हुए सैन्य हमलों पर चिंता व्यक्त की है। ग्रॉसी ने चेतावनी दी है कि इस संयंत्र को नुकसान पहुंचने से एक बड़ा रेडियोलॉजिकल हादसा हो सकता है। उन्होंने संघर्ष के दौरान परमाणु सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयम बरतने की अपील की है।


ईरान के जवाबी हमले

प्रेस टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 83वीं लहर शुरू की है, जिसमें उन्नत मिसाइलों और ड्रोन के माध्यम से अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। लक्षित ठिकानों में अशदोद में भंडारण टैंक और मोदिइन में एक सैन्य स्थल शामिल हैं।


पूर्वी कांगो में संघर्ष की चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र की कार्यवाहक शीर्ष दूत ने पूर्वी कांगो में बढ़ते संघर्ष की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि खनिज संपदा से भरपूर इस क्षेत्र में भारी हथियारों और ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल से नागरिकों को गंभीर खतरा है।


वैश्विक खाद्य संकट

ईरान में युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर उर्वरक की कमी और खाद्य कीमतों पर पड़ रहा है। अमेरिका और इज़राइल की बमबारी के जवाब में तेहरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने से गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यह स्थिति विकासशील देशों के किसानों की आजीविका को खतरे में डाल रही है।


ट्रंप की नई समयसीमा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई समयसीमा को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि वे ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर बमबारी को फिलहाल रोकेंगे। इस बीच, अमेरिका के सैनिक क्षेत्र में पहुंच रहे हैं और इज़राइल ने ईरान समर्थित हिज्बुल्ला से लड़ने के लिए अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।


इज़राइल का दावा

इज़राइल ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसेना प्रमुख अलीरजा तंगसिरी को मार गिराने का दावा किया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल ईरान पर हमले जारी रखेगा। हाल के हमलों में इज़राइल में कई लोग घायल हुए हैं।