मध्यप्रदेश में निवेश के लिए वैश्विक निवेशकों को आमंत्रित किया गया
मुख्यमंत्री मोहन यादव का निवेश आमंत्रण
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के दौरान वैश्विक निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने बताया कि राज्य भारत के बड़े घरेलू बाजार के केंद्र में स्थित है और इसकी मजबूत कनेक्टिविटी, औद्योगिक आधार और निवेश-अनुकूल नीतियों के कारण यह एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेशकों को हर स्तर पर प्रशासनिक सहायता मिलेगी और सरकार उनके साथ सहयोग करेगी। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र उद्योग, फार्मास्युटिकल्स, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल अवसंरचना, डेटा सेंटर और भविष्य की प्रौद्योगिकियों में निवेश के अवसरों की चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। 2022 में लागू व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते से व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश इस बढ़ती आर्थिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कृषि और खाद्य प्रसंस्करण को निवेश के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश खाड़ी क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक आपूर्ति साझेदार बन सकता है। कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, भंडारण और खाद्य प्रसंस्करण में निवेश से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
डॉ. यादव ने पारंपरिक वस्त्रों की पहचान को आधुनिक टेक्सटाइल पार्क और परिधान निर्माण से जोड़ने की बात की। पीथमपुर, मंडीदीप और मालनपुर जैसे औद्योगिक केंद्र ऑटोमोबाइल, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बन चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात मध्यप्रदेश के लिए केवल एक बड़ा बाजार नहीं है, बल्कि यह मध्य-पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक पहुंच का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क और औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश की निवेश संभावनाओं को मजबूत करते हैं।
डॉ. यादव ने बिजनेस बे स्थित ताज दुबई में मध्यप्रदेश के 'एक जिला एक उत्पाद' और भौगोलिक संकेतक उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें बैतूल का बेल मेटल शिल्प, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, खरगोन के महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कालीन प्रदर्शित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही से भी मुलाकात की और व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने अरब निवेशकों को नवीकरणीय ऊर्जा, औषधि निर्माण, चिकित्सा उपकरण, वस्त्र, लॉजिस्टिक्स, उन्नत विनिर्माण और शहरी अधोसंरचना में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
डॉ. यादव ने एआईएम कांग्रेस-2026 में मध्यप्रदेश पवेलियन का उद्घाटन कर निवेशकों से संवाद किया। पवेलियन में राज्य की औद्योगिक अधोसंरचना, लैंड बैंक, निवेश-अनुकूल नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रदर्शित किया गया है।
पवेलियन में प्रदेश के चंदेरी, महेश्वरी, बाटिक, जरी-जरदोजी, बेल मेटल और ग्वालियर कालीन जैसे चयनित उत्पादों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान भी प्रस्तुत की जा रही है। डिजिटल माध्यमों और व्यावसायिक बैठक स्थलों के जरिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों को निवेश अवसरों की जानकारी दी जा रही है।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और संयुक्त अरब अमीरात की साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारस्परिक आर्थिक सहयोग और साझा विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों से मध्यप्रदेश में नई आर्थिक साझेदारी की शुरुआत करने का आह्वान किया।