ममता बनर्जी का इस्तीफा न देने का बयान, राजनीतिक हलचल तेज
ममता बनर्जी का बयान
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वह इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने कहा कि वह इस चुनाव में हार नहीं गई हैं, बल्कि उन्हें हराया गया है। ममता ने चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया और टीएमसी के वोटों की चोरी का भी जिक्र किया। उनके इस बयान ने राजनीतिक बयानबाजी को जन्म दिया है।
सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया
भवानीपुर सीट से ममता को 15 हजार से अधिक मतों से हराने वाले बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें ममता के शब्दों का कोई ज्ञान नहीं है, लेकिन संविधान में सब कुछ स्पष्ट है। उन्होंने कहा कि इससे अधिक कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है।
सीएम इस्तीफा न देने पर क्या होगा?
यदि कोई मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देता है, तो राज्यपाल के पास विशेष शक्तियां होती हैं। राज्यपाल हारे हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांग सकते हैं, और यदि वह इनकार करते हैं, तो विधानसभा को भंग करने का आदेश दे सकते हैं। ऐसी स्थिति में, राज्यपाल मुख्यमंत्री को बर्खास्त कर सकते हैं। यदि कोई बड़ा संकट उत्पन्न होता है, तो राज्यपाल अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर सकते हैं।
नई सरकार का गठन
राज्यपाल के पास अनुच्छेद 164 के तहत नए मुख्यमंत्री को नियुक्त करने और शपथ दिलाने का अधिकार होता है। चुनाव में हारने वाली सरकार और मुख्यमंत्री की बर्खास्तगी के बाद, राज्यपाल विधायक दल के नेता को मुख्यमंत्री चुन सकते हैं। इसका मतलब है कि भले ही ममता बनर्जी इस्तीफा न दें, लेकिन चुनावी जनादेश के बाद वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री नहीं रह सकती हैं।