ममता बनर्जी की पार्टी में कांग्रेस के प्रति नाराजगी बढ़ी
कांग्रेस के प्रति तृणमूल कांग्रेस की नाराजगी
ममता बनर्जी की पार्टी के कई प्रमुख नेता राहुल गांधी और कांग्रेस से असंतुष्ट हैं। उनकी नाराजगी का कारण यह है कि कांग्रेस ने अधीर रंजन चौधरी को बहरामपुर से चुनावी मैदान में उतारा है। यह चुनाव लगभग तीन दशकों बाद हो रहा है। इसी तरह, तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद मौसम बेनजीर नूर को कांग्रेस में वापस लाकर मालतीपुर सीट से चुनाव में उतारा गया। इससे मुर्शिदावाद, मालदा, बहरामपुर और जंगीपुर की चार लोकसभा क्षेत्रों में कांग्रेस ने बेहतर प्रदर्शन किया है। लेकिन ममता की पार्टी की नाराजगी का मुख्य कारण यह है कि पहले चरण के चुनाव के दिन राहुल गांधी ने मतदाताओं के लिए एक अपील जारी की, जिसमें उन्होंने ममता बनर्जी पर कई आरोप लगाए। तृणमूल कांग्रेस को यह महसूस हो रहा है कि राहुल की अपील का उद्देश्य ममता को हराना था। उनका मानना है कि यदि तृणमूल हार जाती है, तो भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होगा।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए अवसर पैदा किया है। उनका कहना है कि यदि ममता ने ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं की होती, तो भाजपा को बंगाल में स्थान नहीं मिलता। तृणमूल कांग्रेस के नेता राहुल से यह सवाल कर रहे हैं कि अगर ममता ने बंगाल में भाजपा के लिए जगह बनाई, तो बाकी देश में भाजपा के लिए अवसर किसने बनाए? उनका कहना है कि गुजरात में 30 वर्षों से कांग्रेस के कारण भाजपा सत्ता में है। देश के अन्य राज्यों में कांग्रेस की विफलता के कारण भाजपा को अवसर मिला। ममता की पार्टी का कहना है कि 2014 में जब भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया और कांग्रेस केवल 44 सीटों पर आ गई, तब भी ममता ने अपनी स्थिति मजबूत रखी थी और उनकी पार्टी के 36 सांसद जीतकर आए थे।