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ममता बनर्जी ने टीएमसी के बागियों को दी चुनौती, कहा- मुझे रोकने के लिए मारना पड़ेगा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, ममता बनर्जी ने पार्टी की कमान संभाल ली है। उन्होंने बागी नेताओं को गद्दार करार देते हुए भाजपा में शामिल होने की चुनौती दी। ममता का कहना है कि उन्हें रोकने के लिए उन्हें मारना पड़ेगा। इस स्थिति में, उन्होंने चुनाव चिन्ह पर अपने अधिकार की भी पुष्टि की है। जानें इस राजनीतिक संघर्ष की पूरी कहानी।
 

ममता बनर्जी ने संभाली पार्टी की कमान


पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक हलचल के बीच, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी की प्रदेश इकाई की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है। अध्यक्ष बनने के बाद, उन्होंने बागियों और भाजपा पर तीखे आरोप लगाए और चुनाव चिन्ह तथा पार्टी कार्यालय को लेकर कई गंभीर बातें कहीं।


बागियों को गद्दार करार दिया

टीएमसी के 80 विधायकों में से अधिकांश के ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में अलग गुट बनाने के बावजूद, ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति को मजबूत रखा है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें रोकना है, तो उन्हें मुझे मारना पड़ेगा।


ममता ने बागी नेताओं को खुली चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे भाजपा में शामिल हो जाएं। उन्होंने कहा, "क्या आपको लगता है कि मैं खत्म हो गई हूं? मैं जनता के बीच पार्टी का चुनाव चिह्न लेकर जाऊंगी।"


चुनाव चिह्न पर ममता का दावा

उन्होंने बागी विधायकों से सवाल किया कि जिन उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों पर उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में हस्ताक्षर किए, वे चुनाव के दो महीने के भीतर ही गद्दार कैसे बन गए? ममता ने स्पष्ट किया कि तृणमूल का चुनाव चिह्न केवल उनके और उनके वफादारों के पास ही रहेगा।


चंद्रिमा बनर्जी का इस्तीफा

ममता ने बताया कि चंद्रिमा भट्टाचार्य ने पहले ही इस्तीफा दे दिया था और उन्होंने उन्हें इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया था कि उनके बेटे ने तृणमूल-विरोधी गुट का समर्थन किया है। ममता ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन वह उनके साथ हाथ नहीं मिलाएंगी। चंद्रिमा के इस्तीफे के बाद, ममता ने राष्ट्रीय और बंगाल इकाई की जिम्मेदारी खुद संभालने का निर्णय लिया।