ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव परिणामों पर उठाए सवाल, इस्तीफे से किया इनकार
ममता बनर्जी का प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान
नई दिल्ली - पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वह अपने पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने अपनी हार को स्वीकार करने से भी इनकार किया।
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान, ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने चुनाव नहीं हारा, बल्कि लगभग 100 सीटें उनसे छीन ली गईं। ममता ने यह भी कहा कि उनकी लड़ाई भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा चुनाव आयोग के खिलाफ थी। उन्होंने मतगणना के दौरान अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। जब वह काउंटिंग सेंटर पहुंचीं, तो उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
विशेष टीम का गठन
हार की समीक्षा के लिए विशेष टीम का गठन
ममता बनर्जी ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों के मद्देनजर एक विशेष टीम बनाने की घोषणा की है। यह टीम बंगाल में पार्टी की हार की समीक्षा करेगी, जिसमें पार्टी के दस नेता शामिल होंगे।
भाजपा से नहीं, चुनाव आयोग से लड़ाई
ममता का बयान
पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणामों के बाद, ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी लड़ाई भाजपा से नहीं, बल्कि पक्षपाती चुनाव आयोग से थी।
चुनाव को बताया गंदा
ममता का आरोप
ममता ने कहा कि यह चुनाव नहीं, बल्कि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों और ईवीएम की खुली लूट थी। उन्होंने तकनीकी धांधली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम में 80-90% चार्ज कैसे रह सकता है। ममता ने यह भी दावा किया कि चुनाव से दो दिन पहले उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और निष्पक्ष अधिकारियों को हटाकर भाजपा के पसंदीदा लोगों को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच यह मैच फिक्सिंग थी।